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सीतापुर में करीब 10 साल पुराने धारदार हथियार से हमला करने के मामले में न्यायालय ने मां समेत दो बेटों को दोषी करार दिया है। सीतापुर पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद गुरुवार शाम करीब 6 बजे कोर्ट संख्या-7 स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीनों दोषियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर कुल 17 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। मामला इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बाकरपुर गांव का है। पुलिस के अनुसार, 19 अक्टूबर 2016 की रात करीब 8:30 बजे संतोष अपने परिवार के साथ महेश के घर के सामने लगे सरकारी नल से पानी लेने गया था। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर महेश के परिवार के लोगों ने संतोष और उसके परिजनों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। मारपीट में पीड़ित पक्ष के कई लोगों को चोटें आई थीं। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने महेश, उसकी पत्नी कुसुमा देवी और उनके बेटों कुलदीप व दीपू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी करते हुए उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों को न्यायालय के सामने रखा। गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने कुलदीप पुत्र महेश, दीपू पुत्र स्वर्गीय महेश और कुसुमा देवी पत्नी स्वर्गीय महेश, निवासी बाकरपुर को धारा 307, 323, 325 और 504 के तहत दोषी माना। अदालत ने तीनों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 17 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। महेश की सुनवाई के दौरान हो गई थी मौत मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी महेश की मृत्यु हो गई थी। इसके चलते उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त हो गई। इसके बाद मामले में उसकी पत्नी कुसुमा देवी और दोनों बेटों कुलदीप व दीपू के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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मां और दो बेटों को 20 साल की जेल:सीतापुर में 10 साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, तीनों पर 17 हजार रुपए का अर्थदंड