महिला की मौत पर बवाल, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई:39 नामजद समेत 250 अज्ञात पर केस, 23 आरोपी गिरफ्तार


मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की सड़क हादसे में मौत के बाद हुए बवाल और पुलिस पर पथराव के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने 39 नामजद और 200 से 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। यह घटना घोसी कोतवाली अंतर्गत पिढवल क्षेत्र के सेमराडाड़ निवासी शांति देवी (70) के साथ हुई। शुक्रवार शाम करीब 4:15 बजे शांति देवी अपने घर से पिढवल मोड़ पर सब्जी लेने जा रही थीं। वाराणसी-गोरखपुर नेशनल हाईवे पार करते समय एक तेज रफ्तार अज्ञात चार पहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में शांति देवी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं और सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पिढवल मोड़ पर आए दिन हो रहे हादसों के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए वाराणसी-गोरखपुर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र नाथ राय और नायब तहसीलदार अभिषेक वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की, तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोग उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस मामले में कोतवाली के उपनिरीक्षक दिवाकर राना की तहरीर पर सुभाष चौहान, जय सिंह मौर्य, दुर्गेश, पिंटू यादव, भारत, संदीप राजभर, रोहित, शिवम पाण्डेय, राहुल कुमार, जगदीश चौहान, मलखान, शुभम, अनूप, राणा प्रताप शर्मा, मोनू यादव, गौतम, अनिल, हुसैन अली, रामविनय कनौजिया, देवेन्द्र कुमार, मृत्युंजय राजभर, सुजीत कनौजिया, प्रहलाद चौहान, प्रमेश गोंड, विवेक कुमार, पांचू राजभर, आलोक कुमार, राकेश प्रजापति, इन्द्रजीत राजभर, राणा प्रताप यादव, अजीत कुमार, राजकुमार, शशांक, पवन कुमार समेत 39 नामजद तथा 200-250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज, स्थानीय साक्ष्यों और पहचान के आधार पर अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस सतर्क है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

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