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महाराजगंज नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपोजिट स्कूल के मरम्मत और सौंदर्यीकरण का काम पहले ही पूरा कर लिया गया था, जिसके बाद औपचारिकता के लिए 21 लाख रुपये का टेंडर निकाला गया। यह मामला नगर पालिका महाराजगंज के लोहिया नगर मोहल्ले में स्थित कंपोजिट स्कूल से जुड़ा है। स्कूल में मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए कुल 21 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह काम लगभग दो साल पहले ही पूरा हो चुका था। इससे पहले भी नगर पालिका परिषद महाराजगंज में फरेंदा रोड पर गमले और पौधे लगाने का एक ऐसा ही मामला सामने आया था। उस समय शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी बिठाई थी और उस काम को ‘श्रमदान’ घोषित कर दिया गया था। जानकारों के अनुसार, काम पहले कराकर बाद में टेंडर निकालना एक बड़ी वित्तीय अनियमितता है। बीते माह इस काम के लिए टेंडर निकालकर औपचारिकता पूरी की गई। आरोप है कि स्कूल की चहारदीवारी की मरम्मत भी ठीक से नहीं कराई गई है और इसमें खराब गुणवत्ता वाली ईंटों का इस्तेमाल किया गया है। कुल मिलाकर, 21 लाख रुपये की राशि को नियमों का उल्लंघन करते हुए खर्च करने का प्रयास किया गया है। छत्रपति साहूजी महाराज नगर के वीरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि नगर में काम कराते समय नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी मनमाने ढंग से अपने चहेते लोगों को काम देकर सरकारी रकम का बंदरबांट कर रहे हैं। नेहरू नगर के राधेश्याम ने भी कहा कि जब काम पहले ही हो चुका हो तो बाद में टेंडर निकालने का कोई औचित्य नहीं है। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार मिश्रा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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महाराजगंज में विकास कार्यों में धांधली:कंपोजिट स्कूल में 21 लाख का टेंडर विवादों में, लोगों ने कहा- काम तो पहले ही हो चुका