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लखनऊ। भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा संचालित महामना शिक्षण संस्थान के सहयोग से रविवार को नूतन सत्र अभिनंदन एवं पूर्व विद्यार्थी अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में संपन्न हुआ। समारोह में जेईई मेन परीक्षा पहले ही प्रयास में सफल होने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जबकि नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि समाज की कोई भी प्रतिभा आर्थिक अभाव के कारण पीछे नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने बताया कि महामना शिक्षण संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई के साथ जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध करा रहा है। डॉ. कृष्ण गोपाल ने आगे कहा कि शिक्षक बनना सबसे श्रेष्ठ कार्य है। उन्होंने युवाओं को सत्यनिष्ठा, अनुशासन, संस्कार तथा राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, सुख-शांति और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आधार भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, भारतीय संस्कृति, शोध और नवाचार के साथ उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। वहीं, आईआईआईटी के संस्थापक निदेशक एवं आईआईएम शिलांग के निदेशक प्रो. अरुण मोहन शेरी ने अपने जीवन के संघर्ष साझा करते हुए छात्रों से चुनौतियों का डटकर सामना करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की अपील की। उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने की शपथ दिलाई संस्थान के संरक्षक प्रमोद तिवारी ने सफल विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें राष्ट्र प्रथम, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने की शपथ दिलाई। शिक्षाविद ई. आदित्य कुमार ने बताया कि पिछले छह वर्षों में संस्थान के 73 से अधिक विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।
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महामना संस्थान ने सफल छात्रों को किया सम्मानित:संघ के सह सरकार्यवाह बोले- आर्थिक अभाव प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनने देंगे