मछरिया में जमीनी विवाद में चौकी इंचार्ज और दरोगा सस्पेंड:लेखपाल की जांच में 600 मीटर दूर निकला प्लॉट, गलत विवेचना का लगा था आरोप


मछरिया में जमीन पर कब्जा को लेकर चल रहे दो पक्षों के झगड़े में चौकी इंचार्ज आवास विकास व नौबस्ता थाने में तैनात दरोगा को सस्पेंड किया गया है। एक पक्ष ने चौकी इंचार्ज पर साथी दरोगा के साथ मिलकर आरोपी पक्ष से मिलकर गलत विवेचना करने का आरोप लगाया था। डीसीपी साउथ दीपेंद्रनाथ चौधरी ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है। लेखपाल की जांच में जमीन एक पक्ष की ही निकली, जबकि प्लाट पर कई सालों से कब्जा किए दूसरे पक्ष ने जो प्लाट की आराजी संख्या बताई थी। वह उस प्लाट से करीब 600 मीटर दूर दूसरे प्लाट की निकली। यह था पूरा मामला… बिधनू के दहेली उजागर गांव निवासी अर्जुन सिंह के अनुसार उन्होंने 20 मई 1987 को नौबस्ता गांव निवासी लऊआ से आराजी संख्या 1168 रकबा 200 वर्गगज का प्लाट खरीदा था, जो खतौनी में लऊआ सहखातेदार संक्रमणीय भूमिधर दर्ज है, लेकिन उस प्लाट में मछरिया के बरकाती मस्जिद निवासी करीब उल्ला उर्फ अशरफ, राजीव नगर निवासी कमलेश सरोज, उसका बेटा रवि सरोज, राकेश, सागर, आनंद कुमार, आनंद की पत्नी मंजू ने छह-सात लोगों के साथ उनका प्लाट कब्जा करने का प्रयास किया था। विरोध पर गाली-गलौज, मारपीट कर धमकाया। नौबस्ता थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा नहीं दर्ज किया। 31 दिसंबर 2025 को फिर थाने गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद डीसीपी साउथ से गुहार लगाने पर सात जनवरी 2026 को नौबस्ता थाने में बलवा, धमकाना, अपमानित करने की धारा में मुकदमा हुआ। अर्जुन ने आवास विकास चौकी इंचार्ज शैलेंद्र सिंह राघव व थाने में तैनात दरोगा अंकित खटाना पर मंजू पक्ष से मिलकर जांच प्रभावित करने का आरोप लगाया था। मारपीट कर जबरन प्लाट से बाहर निकालने का था आरोप नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि दूसरा पक्ष मंजू के परिवार के आनंद कुमार हाईकोर्ट चले गए। उनके अनुसार वह उस प्लाट पर लगभग 28 साल से काबिज हैं। उन्होंने प्लाट पर अपना दावा किया। इस पर हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि पुलिस-प्रशासन प्लाट को लेकर कोई हस्ताक्षेप न किया जाए। आनंद का आरोप था कि इसके बाद भी अर्जुन, लतीक मंजरी, आलोक सिंह, कुलदीप यादव, शकील, मुकेश कुमार व अन्य लोग तीन नवंबर 2025 को प्लाट में जबरन घुस आए और लाठी-डंडा, तमंचा दिखाकर मारपीट कर उन्हें प्लाट से बाहर कर दिया। बिजली का मीटर व कैमरे की डीवीआर तक ले गए और प्लाट पर कब्जा कर लिया। मामले में राजस्व विभाग से जांच के लिए पत्राचार हुआ। लेखपाल की जांच में सामने आया कि अर्जुन ने जिस आराजी संख्या में अपने प्लाट का दावा किया था। वह वहीं मिला, जबकि आनंद जो आराजी संख्या बता रहे थे। वह उस प्लाट से 600 मीटर दूर दूसरे प्लाट का था। हालांकि पुलिस ने यहां भी खेल किया और कब्जा करने वाले पक्ष से मंजू ने गुरुवार को अर्जुन व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। विभागीय जांच भी होगी मामले में डीसीपी ने बताया कि एक पक्ष ने जमीन कब्जाने वाले पक्ष की तरफ से मिलीभगत करने के आरोप लगाए थे। जांच में आरोप सही पाए जाने पर चौकी इंचार्ज व दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। विभागीय जांच भी होगी।

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