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लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहर रिफा-ए-आम क्लब को अब नई पहचान मिलने जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) इसे बटलर पैलेस की तर्ज पर विकसित करेगा। इसके लिए एलडीए और इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हैरिटेज (INTACH) के बीच मंगलवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना पर करीब 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि क्लब का जीर्णोद्धार मूल वास्तुकला को सुरक्षित रखते हुए किया जाएगा। उद्देश्य इसे सिर्फ संरक्षित करना नहीं, बल्कि शोध, प्रशिक्षण और विरासत संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनाना है। पुनर्विकास के बाद यह परिसर सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक उपयोग के लिए भी तैयार होगा। पुरानी निर्माण तकनीकों पर होगा शोध परियोजना के तहत परिसर में बिल्डिंग मैटेरियल टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी। यहां पुरानी इमारतों में इस्तेमाल होने वाली चूना, सुर्खी और अन्य पारंपरिक निर्माण सामग्री की वैज्ञानिक जांच और शोध किया जाएगा। इससे ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण में पारंपरिक तकनीकों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण रिफा-ए-आम क्लब में इतिहास, वास्तुकला और पुरातत्व से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। यहां विशेषज्ञों की निगरानी में विरासत संरक्षण की आधुनिक और पारंपरिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। एलडीए को मिलेगा बड़ा हॉल एमओयू के अनुसार जीर्णोद्धार के बाद विकसित परिसर में एलडीए को भी एक बड़ा हॉल आवंटित किया जाएगा। इसका उपयोग आधिकारिक बैठकों और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। इस पहल से रिफा-ए-आम क्लब को नई पहचान मिलने के साथ लखनऊ को विरासत संरक्षण, शोध और प्रशिक्षण का एक नया केंद्र भी मिलेगा।
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बटलर पैलेस की तर्ज पर संवरेगा रिफा-ए-आम क्लब:8-10 करोड़ रुपए से कराया जाएगा जीर्णोद्धार, छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण