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रायबरेली में भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने जिलाधिकारी को सोमवार दोपहर 12:30 बजे आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा है। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जनपद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों, विशेषकर बछरावां क्षेत्र की समस्याओं को उठाया। किसानों ने इन समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने बिजली कटौती को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती के कारण 10 घंटे बिजली गुल रहती है और 5 घंटे तक लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। इससे किसानों के नलकूप और घरों के उपकरण प्रभावित होते हैं। हर घंटे ट्रिपिंग से बिजली बाधित होती है, और स्मार्ट मीटर के कारण बढ़े हुए बिजली बिल आ रहे हैं। सिंचाई व्यवस्था भी किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। नहरें सूखी पड़ी हैं, जिससे धान की रोपाई और सिंचाई दोनों में बाधा आ रही है। किसानों ने उर्वरक केंद्रों पर खाद की उपलब्धता में कमी और कालाबाजारी का आरोप लगाया। उन्होंने ‘फार्मर रजिस्ट्री’ को भी बंद करने की मांग की। उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई बछरावां क्षेत्र में होटल और अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठाए गए। यूनियन ने आरोप लगाया कि एसडीएम महाराजगंज की कथित मिलीभगत से प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना की जा रही है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। ग्राम बंगाही में एक ट्यूबर फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन का कहना है कि इस प्रदूषण के कारण स्थानीय ग्रामीण कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। पूर्व में कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारतीय किसान क्रांति यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इन सभी समस्याओं और मांगों पर जल्द से जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
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भारतीय किसान क्रांति यूनियन का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:बिजली, सिंचाई, प्रदूषण समेत 8 मांगों पर DM को सौंपा ज्ञापन