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फिरोजाबाद में 11 साल पुराने हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसका भुगतान न करने पर उन्हें चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार यादव ने बताया कि यह मामला वर्ष 2015 का है। मैनपुरी जनपद के बरनाहल क्षेत्र निवासी जयराम ने 31 अगस्त 2015 को बरनाहल थाने में अपने भाई शिवराम की गुमशुदगी और बाद में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिवराम फिरोजाबाद के सिरसागंज क्षेत्र में परिवार के साथ ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। रिपोर्ट के अनुसार, 17 अगस्त 2015 को सिरसागंज क्षेत्र के गांव सराय शेख निवासी मलिखान और दलबीर शिवराम को भट्ठे से मजदूरी का पैसा दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद शिवराम संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। कुछ समय बाद उसका शव एक नहर से बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों मलिखान और दलबीर के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में हुई, जहां अभियोजन पक्ष ने कई गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायाधीश विमल वर्मा ने मलिखान और दलबीर को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दोनों दोषियों को चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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भट्टा मजदूर की हत्या में दो दोषियों को उम्रकैद:11 साल पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया, नहर में मिला था शव