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आगरा में भीषण गर्मी के बावजूद भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा में रविवार को श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल हुए और भगवान के दर्शन व रथ की रस्सी खींचने के लिए उमड़ पड़े। छोटे-छोटे बच्चे भी रथ खींचने पहुंचे, जबकि कई श्रद्धालु भक्ति में भावुक होकर दंडवत प्रणाम करते और झाड़ू लगाकर भगवान के मार्ग को साफ करते दिखाई दिए। जगह-जगह पुष्पवर्षा और आरती से रथयात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई स्थानों पर लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। बल्केश्वर महादेव मंदिर से श्रीजगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। उड़िया शैली में खस और जूट से सजे नंदीघोष रथ पर भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ वनभोजी वेश में नगर भ्रमण के लिए निकले। रेशमी वस्त्र, तुलसी और बैजयन्ती माला से सुसज्जित भगवान के दर्शन होते ही श्रद्धालुओं ने दोनों हाथ उठाकर जयघोष किया। पूरे मार्ग पर “हरे कृष्ण, हरे राम” और “हरि बोल” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। रस्सी छोटी और श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण हर कोई उसे स्पर्श करने के लिए उत्सुक दिखाई दिया। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचने से जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के चलते महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में रथ के साथ चलते रहे। यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु सड़क पर दंडवत प्रणाम करते नजर आए, जबकि कुछ भक्त झाड़ू लगाकर भगवान के मार्ग को साफ करते दिखाई दिए। कई श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर संकीर्तन करते हुए नृत्य कर रहे थे। मृदंग, मंजीरे और ढोल की धुन पर श्रद्धालु पूरे रास्ते झूमते रहे। कई भक्त भगवान के दर्शन कर भावुक भी हो गए। रथयात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने थाल सजाकर आरती की। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई और लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर भगवान के दर्शन किए। यात्रा मार्ग पर रंगोली सजाई गई और श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ भगवान का स्वागत किया। रथयात्रा की शुरुआत वृंदावन इस्कॉन के हरिविजय प्रभु और आगरा इस्कॉन के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने प्रथम आरती कर की। इस दौरान डीसीपी अभिषेक अग्रवाल भी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने नाचते-गाते भगवान के रथ को नगर भ्रमण कराया और पुनः मंदिर पहुंचने पर भव्य आरती के साथ यात्रा का समापन हुआ। यात्रा में घोड़े, ऊंट, बैंडबाजे और दर्जनों ध्वज आकर्षण का केंद्र रहे। प्रभुपाद जी, चैतन्य महाप्रभु, भगवान नरसिंह और राधा-कृष्ण की झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महिलाएं गोपी वेश और पुरुष ग्वाला वेश में शामिल हुए। कई श्रद्धालु अपने घरों के लड्डू गोपाल को भी सुसज्जित कर यात्रा में लेकर पहुंचे। इस अवसर पर अमित गोयल, कामता प्रसाद अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, अशु मित्तल, संजीव बंसल, सुधीर अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रामू फतेहपुरिया, शैलेश बंसल, दीपक प्रहलाद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, संजय कुकरेजा, विकास बंसल (लड्डू भाई), रमेश यादव, विपिन अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, अदिति गौरांगी, अंशुल अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, मीनाक्षी मोहन, मयूरी मित्तल, नीलू सिंघल, स्वाती अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। यात्रा के चलते कई मार्गों पर लगा जाम रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण जिन मार्गों से यात्रा निकली, वहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और वाहन चालक जाम में फंसे रहे। पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभालते हुए धीरे-धीरे वाहनों को निकाला।
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भगवान जग्गनाथ रथयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब:भीषण गर्मी भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं का उत्साह, रथ को खींचने की रही होड़, मार्ग पर लगा जाम