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बांदा में विभिन्न छात्र संगठनों और छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए छह प्रमुख मांगें रखी गईं और उन्हें जल्द पूरा करने की अपील की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। प्रदर्शनकारियों ने इस पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और घायल प्रदर्शनकारियों को मुफ्त इलाज के साथ एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की गई है।
अन्य मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराना और बुलंदशहर जेल में बंद किसान नेता चौधरी मनवीर तेवतिया की तत्काल रिहाई शामिल हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो बांदा में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल छात्रा गुनगुन गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जवाबदेही केंद्र सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने से आंदोलन जारी है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई और कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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बांदा में छात्रों ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत छह मांगें, आंदोलन तेज करने की चेतावनी