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बलिया की एक अदालत ने गुरुवार को दहेज हत्या के एक मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने अभियुक्त राजकुमार को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत आया है। बलिया पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के कारण, थाना भीमपुरा में पंजीकृत मु0अ0सं0-247/2024 के अभियुक्त राजकुमार पुत्र चन्द्रमा, निवासी छुड़रहा, थाना भीमपुरा, जनपद बलिया को दोषी ठहराया गया। न्यायालय ASJ-1, जनपद बलिया ने उन्हें धारा-80 की उपधारा 2 बीएनएस के तहत सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, अभियुक्त को धारा-85 बीएनएस के तहत एक वर्ष के कारावास और 3,000 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उन्हें तीन सप्ताह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा-3/4 डीपी एक्ट के तहत भी उन्हें एक वर्ष के कारावास और 3,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई, जिसमें अर्थदंड न देने पर तीन सप्ताह का अतिरिक्त कारावास शामिल है। घटना 12 नवंबर 2024 की है, जब वादी मुकदमा ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी को उसके ससुराल वालों द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था, जिसके कारण उसने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस संबंध में थाना स्थानीय पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना की गई और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। इस मामले में अभियोजन अधिकारी ADGC विष्णु दत्त पाण्डेय थे।
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बलिया में दहेज हत्या मामले में 7 वर्ष कारावास:अभियुक्त को 3,000 रुपये के अर्थदंड की सजा