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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से बनी श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (MPO) से जुड़ी 65 हजार ग्रामीण महिलाओं को बहुआयामी लाभ मिल रहा। डेयरी सेक्टर के इस उद्यम की सदस्य बनकर इन महिलाओं ने न केवल खुद आत्मनिर्भरता की मंजिल चुनी है बल्कि अब उनके पाल्यों का भविष्य संवारने के लिए भी MPO से मार्गदर्शन मिल रहा है।
MPO ने सदस्य महिलाओं के उन बच्चों जो कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत हैं, के लिए दो दिन वर्कशॉप आयोजित कर उनकी रुचि के अनुसार करियर ओरिएंटेड फील्ड में आगे बढ़ने की राह दिखाई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की वैज्ञानिक अभिरुचि एवं योग्यता का आकलन किया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी देते हुए उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप करियर नियोजन, कौशल विकास तथा भविष्य की तैयारी पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। सदस्य महिलाओं के पाल्यों के लिए आयोजित करियर डेवलपमेंट एंड गाइडेंस प्रोग्राम के तहत विशेषज्ञ करियर कांउसर्ल्स ने दो दिन अलग-अलग सत्रों में मनोवैज्ञानिक तरीके से अंतर्संवाद और परीक्षण कर विद्यार्थियों की अभिरुचि का पता लगाया। इसके बाद उन्हें सही करियर पथ चुनने का मार्गदर्शन दिया गया। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुए इस प्रोग्राम के दौरान करीब सौ बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ सहभागिता की और अपनी रुचि, योग्यता एवं क्षमता के अनुरूप वैज्ञानिक आधार पर करियर गाइडेंस प्राप्त किया।
श्री बाबा गोरखनाथ कृपा एमपीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) धनराज साहनी बताते हैं कि एमपीओ के सुचारू संचालन के साथ सदस्य महिलाओं के परिवार के समग्र कल्याण के लिए विविध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पहले सदस्यों के घर गोबर गैस प्लांट लगवाने की पहल की गई और अब मैट्रिक और माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई कर रहे उनके बच्चों के भविष्य को सुनियोजित आकार देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है, जब उनके बच्चों को अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हों। सीईओ ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से गठित श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोडयूसर्स ऑर्गनाइजेशन की सदस्य/शेयरहोल्डर बनीं महिलाएं लगातार अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर रही हैं। नवंबर 2023 में क्रियाशील हुई इस एमपीओ के जरिये डेयरी सेक्टर से जुड़कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की 65000 से अधिक ग्रामीण घरेलू महिलाओं ने आर्थिक स्वावलंबन की राह पकड़ ली है। ये महिलाएं गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ और मऊ जिले के करीब एक हजार गांवों की हैं। इन महिलाओं ने घरेलू कामकाज निपटाने के साथ ही दुग्ध उत्पादन/संग्रह के रोजगार से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिकी को भी मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सदस्य महिलाओं के परिश्रम से श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर एमपीओ का टर्नओवर करीब 200 करोड़ रुपये का हो चुका है। एमपीओ से जुड़ी महिलाओं को प्रतिमाह 3, 13 और 23 तारीख को उनके द्वारा संकलित दूध का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में कर दिया जाता है। सदस्य महिलाओं को औसतन प्रतिमाह आठ हजार रुपये की आमदनी हो रही है जबकि चार हजार से अधिक की संख्या उन महिलाओं की है जो लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की कहानी है।
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बच्चों का करियर संवारेगा MPO:65 हजार महिलाओं को मिला आय का जरिया; पाल्यों के भविष्य की चिंता दूर