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प्रयागराज में सोमवार दोपहर बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की। यह हड़ताल दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में आयोजित की गई थी। अखिल भारतीय प्रतिवाद दिवस के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक लगाने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग उठाई गई। आयोजकों ने बताया कि 28 जून से जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। इस आंदोलन में पर्यावरणविद और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक सहित आइसा के कई राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हैं।
जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में देशभर में विभिन्न स्थानों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रयागराज में भी यह एक दिवसीय भूख हड़ताल हुई, जिसमें आइसा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष कॉमरेड विवेक, आरवाईए उत्तर प्रदेश के सहसचिव कॉमरेड सोनू, मानवेन्द्र, प्रदीप, अमित, हिमांशु, आदित्य, निखिल और आर्यन सहित कई छात्र नेताओं ने सामूहिक उपवास रखा। सभा को संबोधित करते हुए कॉमरेड सोनू ने आरोप लगाया कि एनटीए एक स्वायत्त और जवाबदेह संस्था नहीं है और परीक्षा आयोजन में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। कॉमरेड विवेक ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शिक्षा और रोजगार बचाने के साथ-साथ परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की लड़ाई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे गरीब, दलित और मजदूर वर्ग के छात्र प्रभावित हो रहे हैं। आइसा इलाहाबाद के सहसचिव मानवेन्द्र ने बताया कि यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल रहा है और छात्र, शिक्षक, किसान, मजदूर तथा महिलाएं भी इससे जुड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय कराना और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। कार्यक्रम का संचालन आर्यन ने किया, जिसमें नीरज, आशीष, आदित्य, निखिल, अवशेष समेत बड़ी संख्या में छात्र और पंत छात्रावास के छात्र मौजूद रहे।
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प्रयागराज में आइसा-आरवाईए का प्रदर्शन:शिक्षा सुधार, पेपर लीक रोकने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग