पूर्व मंत्री रामवीर की पुण्यतिथि पर समर्थकों ने दी श्रद्धांजलि:हाथरस में हवन-यज्ञ के बाद हुई श्रद्धांजलि सभा, याद किया गया राजनीतिक और सामाजिक योगदान


हाथरस में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पुण्यतिथि पर बुधवार को पैतृक गांव बामौली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुरसान ब्लॉक क्षेत्र स्थित उनके समाधि स्थल पर हवन-यज्ञ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए हवन के बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समर्थक और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने रामवीर उपाध्याय के व्यक्तित्व और उनके राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान को याद किया। जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। हाथरस के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में उनके समर्थक बामौली पहुंचे। कार्यक्रम में सांसद अनूप प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, सदर विधायक अंजुला माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, एमएलसी ऋषिपाल सिंह और पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय शामिल हुए। इसके अलावा मुरसान ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, पुर्दिलनगर चेयरमैन हर्षकांत कुशवाहा, चिराग उपाध्याय, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद महेश्वरी, गौरव आर्य और पूर्व आईपीएस आदित्य प्रकाश वर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग मौजूद रहे। हाथरस को जिला बनवाने के लिए कुर्सी तक दांव पर लगाई श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने रामवीर उपाध्याय को आम जनता से जुड़े नेता के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि हाथरस को जिला बनवाने के लिए रामवीर उपाध्याय ने अपनी राजनीतिक कुर्सी तक दांव पर लगा दी थी। उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए गए, जिसके चलते लंबे समय तक उनका मजबूत जनाधार बना रहा। लगातार पांच बार विधायक चुने गए रामवीर उपाध्याय का हाथरस की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रहा। वह लगातार पांच बार विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में कई विभागों के कैबिनेट मंत्री भी रहे। उन्होंने हाथरस, सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्रों का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया। वह पहली बार 1996 में विधायक चुने गए और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद 2002 और 2007 में हाथरस, 2012 में सिकंदराराऊ और 2017 में सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। बामौली में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में लोगों ने उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान समर्थकों ने उनके विचारों और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को भी याद किया।

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