पीलीभीत में सपा ने बदला जिलाध्यक्ष:5 साल बाद जगदेव सिंह जग्गा हटे; धर्मेश गंगवार को मिली जिम्मेदारी


पीलीभीत में समाजवादी पार्टी ने जिला संगठन में बदलाव किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने करीब पांच साल से जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे जगदेव सिंह जग्गा को पद से हटा दिया है। उनकी जगह पार्टी के पुराने नेता धर्मेश गंगवार को नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी से जुड़े हालिया रिकॉर्ड में भी जगदेव सिंह जग्गा को 2026 में पीलीभीत का जिलाध्यक्ष बताया गया था। धर्मेश गंगवार लंबे समय से सपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2010 में सपा के टिकट पर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता था। इसके बाद 2015 में उनकी पत्नी दीप्ति गंगवार भी जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। धर्मेश गंगवार कुछ समय के लिए सपा से अलग होकर भाजपा में गए थे, लेकिन बाद में दोबारा सपा में लौट आए। सपा नेतृत्व ने पीलीभीत के जिला संगठन में बदलाव करते हुए धर्मेश गंगवार को जिलाध्यक्ष बनाया है। जगदेव सिंह जग्गा लंबे समय से इस पद पर थे। जून 2026 की स्थानीय रिपोर्टों में भी जग्गा को सपा जिलाध्यक्ष के तौर पर पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय बताया गया था। 2010 में सपा से जिला पंचायत सदस्य बने थे धर्मेश धर्मेश गंगवार वर्ष 2010 से सपा से जुड़े होने की बात कही गई है। उन्होंने इसी साल सपा के टिकट पर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता था। 2015 में उनकी पत्नी दीप्ति गंगवार भी जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं। धर्मेश गंगवार पीलीभीत के बरखेड़ा में कारोबार भी करते हैं और उनका एक बारात घर है। बहनोई के सपा में आने के बाद चर्चा में आया था नाम करीब 15 दिन पहले धर्मेश गंगवार के बहनोई रत्नेश गंगवार ने भाजपा छोड़कर सपा की सदस्यता ली थी। सपा के एक आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में भी 29 अगस्त 2026 को रत्नेश गंगवार के पार्टी में शामिल होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद धर्मेश को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा शुरू हुई थी। धर्मेश बोले- चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी पार्टी नवनियुक्त जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने जिम्मेदारी मिलने पर पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी का एक वफादार सिपाही हूं। आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी और जिले की सभी सीटों पर सपा का झंडा बुलंद होगा।” धर्मेश के चयन को लेकर राजनीतिक जानकार इसे सपा के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, यह उनकी राजनीतिक रणनीति को लेकर विश्लेषण है; पार्टी की ओर से इस नियुक्ति का यही आधिकारिक कारण बताया गया है, ऐसा उपलब्ध सामग्री से स्पष्ट नहीं है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *