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सपा अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय सचिव से इस्तीफा देने वाली मोनिका नाज खान ने महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कहा है, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यदि मामले का संज्ञान नहीं लिया, महानगर अध्यक्ष को हिदायत नहीं दी तो वे सुसाइड करने पर मजबूर होंगी। उन्होंने कहा, मैं अपना मान-सम्मान वापस लेकर रहूंगी। महानगर अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलूंगी, उनसे कार्रवाई की मांग करुंगी। वहीं, महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने इस मामले से दूरी बना ली है। उनका कहना है कि इस मामले में अब राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही कोई फैसला लेंगे। अब विस्तार से पढ़िये… आगरा की रहने वाली सपा अलपसंख्यक सभा की राष्ट्रीय सचिव मोनिका नाज खान का मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडिया वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सुसाइड करने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया। 57 सेकंड के वीडियो में उन्होंने तीन दिन में सम्मान और न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा था, वह लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में ऐसा कदम उठाएंगी। वीडियो में वह फूट-फूटकर रोती हुई नजर आ रही हैं और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से न्याय की गुहार लगा रही हैं। इस मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने मोनिका नाज खान से बातचीत की। उनसे हुए सवाल-जवाब के कुछ अंश… सवाल: आपने अपने पद से इस्तीफा क्यों दिया? जवाब: मेरे इस्तीफे की वजह सपा की आगरा महानगर की टीम है। महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास और उनकी टीम द्वारा मेरा लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। मैंने बहुत मजबूरी और प्रेशर में आकर इस्तीफा दिया है। सवाल: किस तरह से उत्पीड़न किया जा रहा था? जवाब: जब से मैं अल्पसंख्यक सभा की सचिव बनी थी, तभी से मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे थे। फोन पर मेरे बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। मेरे लिए गाली-गलौज की गई। इसी से परेशान होकर मैंने इस्तीफा दिया। सवाल: आपका महानगर की टीम कर रही थी या महानगर अध्यक्ष? जवाब: चूंकि महानगर की टीम बिना अपने अध्यक्ष के इशारे पर मेरे खिलाफ कुछ बोलने की हिम्मत नहीं कर सकती। इसलिए महानगर अध्यक्ष और उनकी टीम दोनों ही ने मेरा मानसिक उत्पीड़न किया। इनमें किसी में हिम्मत नहीं कि मुझ जैसी 20 साल पुरानी कार्यकर्ता को कोई परेशान कर सके। सवाल: अब आपका अगला कदम हो क्या होगा? जवाब: मैं अपनी शिकायत लेकर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलूंगी। पूरे सबूत के साथ उनके सामने अपना पक्ष रखूंगी। मेरे पास कुछ फोन कॉल की रिकॉर्डिंग भी हैं, जिनमें मेरे गलत शब्दों का प्रयोग किया गया। मुझे गालियां दी गईं। सवाल: पार्टी अध्यक्ष से क्या अपेक्षा है? जवाब: जिस तरह से एक महिला के खिलाफ अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया गया, मैं चाहती हूं कि महानगर अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई हो। अगर, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव मेरे मामले का संज्ञान नहीं लेते हैं, महानगर अध्यक्ष को हिदायत नहीं देते हैं तो मैं जरूर सुसाइड कर लूंगी। सवाल: क्या पार्टी छोड़ने जा रही हैं? जवाब: नहीं, मैंने इस समाजवादी पार्टी को 20 साल दिए हैं। मैंने अपने पद से इस्तीफा दिया है, पार्टी नहीं छोड़ी है। मरते दम तक मैं सपा में रहूंगी, किसी दूसरी पार्टी में नहीं जाऊंगी। मैं अपना मान-सम्मान लेकर रहूंगी। अब जानिये महानगर अध्यक्ष ने क्या कहा इस मामले में महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का कहना है, मोनिका नाज खान द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। अगर किसी भी आरोप में सच्चाई है तो वे सबूत दें। वैसे भी वे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने पूरा मामला रखने ही जा रही हैं, तो वे ही अब कोई फैसला लेंगे।
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'अखिलेश यादव लें मामले का संज्ञान, नहीं तो सुसाइड करुंगी':आगरा में सपा महिला नेता ने महानगर अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप