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गोरखपुर में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का पुतला बनाकर पहले उसे जूतों से पीटा गया, फिर आग के हवाले कर दिया गया। हिंदू सुरक्षा सेवा संघ कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम 5 बजे इस तरह प्रदर्शन कर विरोध जताया। उनकी यह नाराजगी संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनकर राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सांसद के प्रतीकात्मक प्रदर्शन की वजह से है। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर धार्मिक भावनाएं आहत की गई हैं। भगवान श्रीराम, राम मंदिर और गेरुआ वस्त्र जैसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने इसे सनातन धर्म का अपमान बताते हुए सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग की। प्रदर्शनकारी बोले- श्रीराम राजनीति का विषय नहीं प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम पूरे देश की आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं। ऐसे में संसद परिसर जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक स्थल पर गेरुआ वस्त्र पहनकर और भगवान श्रीराम से जुड़े प्रतीकों का राजनीतिक प्रदर्शन करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करना करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान है। ‘सनातन धर्म का अपमान स्वीकार नहीं’ हिंदू सुरक्षा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सनातन धर्म और भगवान श्रीराम का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और नेता लगातार सनातन धर्म को विवादों में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं गंभीर आरोपों और विवादों के कारण चर्चा में रहा हो, उसे भगवान श्रीराम जैसे पूजनीय विषय पर टिप्पणी या प्रदर्शन करने से पहले अपनी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
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पप्पू यादव के पुतले को जूतों से पीटा, फिर फूंका:गोरखपुर में हिंदू सुरक्षा सेवा संघ ने किया प्रदर्शन, सार्वजनिक माफी की मांग