पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर का हापुड़ में स्वागत:हापुड़ में कविता को बताया समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम


हापुड़ में प्रसिद्ध हास्य कवि, साहित्यकार और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अशोक चक्रधर का गुरुवार को हापुड़ बाईपास स्थित शिवा ढाबे पर स्वागत किया गया। दिल्ली जाते समय वे अपनी पत्नी के साथ इस ढाबे पर रुके थे। इस अवसर पर ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने उनका अभिनंदन किया। उन्हें भगवान परशुराम का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। शिवा ढाबे के मालिक संदीप आत्रे और शाकुल शर्मा ने भी उन्हें पटका पहनाकर स्वागत किया। सम्मान समारोह के दौरान हिंदी साहित्य, संस्कृति और समाज में कविता की भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. चक्रधर ने कहा कि कविता केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और लोगों को जागरूक करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि एक कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और देश की वास्तविक परिस्थितियों को जन-जन तक पहुंचाता है और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है।
कविता को बताया मानसिक शांति का माध्यम उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव और भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच कविता लोगों को मानसिक राहत और आत्मिक शांति प्रदान करती है। हास्य और व्यंग्य जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं तथा समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. अशोक चक्रधर हिंदी साहित्य और हास्य-काव्य जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्हें पद्मश्री, यश भारती, हास्य रत्न, साहित्य शिरोमणि और ब्रज गौरव सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। दूरदर्शन और विभिन्न राष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारित उनका लोकप्रिय कार्यक्रम ‘वाह-वाह’ आज भी दर्शकों के बीच प्रसिद्ध है। कार्यक्रम में कई लोग रहे मौजूद कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके साहित्यिक योगदान की सराहना की। इस मौके पर नानक चंद शर्मा, वैध करूण शर्मा, प्रवीण शर्मा (पत्रकार), पंडित नवीन शर्मा, पुनीत शर्मा (एलआईसी), बॉबी पाठक, भरतलाल शर्मा, शाकुल शर्मा, निशांत शर्मा, प्रशांत शर्मा और राजीव शर्मा मौजूद रहे।

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