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बुलंदशहर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे फर्जी फर्म बनाकर सरकार को ₹1.21 करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना ककोड़ पुलिस, एसआईटी और साइबर क्राइम टीम ने सोमवार रात गाजियाबाद से एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कागजों में फर्जी कंपनियां तैयार करते थे। इन फर्जी फर्मों के जरिए वर्ष 2025-26 में ₹1,21,85,878.36 की जीएसटी चोरी की गई, जिससे सरकार को बड़ा राजस्व नुकसान हुआ। पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी इसी मामले में 23 जनवरी 2026 को पुलिस ने एक महिला समेत तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने 27 जुलाई 2026 को तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। लैपटॉप और एप्पल मोबाइल बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपराध में इस्तेमाल एक लैपटॉप, दो एप्पल मोबाइल फोन और एक मोबाइल का डिब्बा बिल सहित बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल फर्जी फर्मों के संचालन और दस्तावेज तैयार करने में किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपा रघुवंशी, समर चौधरी और सुरेंद्र के रूप में हुई है। तीनों गाजियाबाद के रहने वाले हैं और लंबे समय से इस फर्जीवाड़े में शामिल बताए जा रहे हैं। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) नरेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आर्थिक अपराध और फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में थाना ककोड़ में मुकदमा दर्ज है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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बुलंदशहर में ₹1.21 करोड़ की GST चोरी का खुलासा:फर्जी दस्तावेजों से बनाई गई थीं कंपनियां, महिला समेत 3 गिरफ्तार