नोएडा की जेल में साइबर ठगी के आरोपी की मौत:गिनती के दौरान बिगड़ी तबीयत; जिम्स में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया


नोएडा में लुक्सर जेल में बंद साइबर ठगी के आरोपी की सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जेल प्रशासन उसे तत्काल कासना स्थित जिम्स अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान विनय समानिया निवासी करावल नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। वह पिछले एक वर्ष से लुक्सर जेल में बंद था। नोएडा साइबर थाना पुलिस ने उसे 5 जुलाई 2025 को साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर हाईकोर्ट की एक महिला अधिवक्ता को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर करीब ₹3.5 करोड़ की ठगी करने का आरोप था। गिनती के दौरान अचानक गिर पड़ा जेल अधीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह करीब सात बजे सभी बंदियों को नियमित गिनती के लिए बैरक से बाहर बुलाया गया था। गिनती पूरी होने के बाद जब उन्हें वापस भेजा जा रहा था, तभी विनय समानिया की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। डॉक्टरों ने बताया संभावित कारण जेल प्रशासन ने तत्काल एंबुलेंस से उसे जिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक के अनुसार, डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर कार्डियक अरेस्ट को मौत का संभावित कारण बताया है। ईकोटेक-1 कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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