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‘मैं कहीं भी जाता था, मेरी बच्ची मुझे छोड़ने दरवाजे तक आती थी। जब लौटता था तो सड़क तक आकर मुझे लेने भी आती थी। छोटे-छोटे हाथों से मेरी बाइक को धक्का देती थी। मैं कभी भी बाहर से उसके लिए कुछ लाए बिना नहीं आया…लेकिन अब मुझे लेने कौन आएगा…।’ ये कहते-कहते सोनू का गला भर आता है। आंखें डबडबा जाती हैं। सोनू लखनऊ के नगराम में गढ़ा गांव में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी दो बेटियां हैं। छोटी बेटी तान्या (1 साल 9 महीने) की 19 अप्रैल को घर में टब में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी। उसके बाद से वह गुमशुम हैं। दैनिक भास्कर रिपोर्टर सोनू के घर पहुंचे। वहां पर तान्या को याद कर सभी रो रहे थे। कुछ लोग परिवार के थे तो कुछ पड़ोसी। 3 दिन से मां ललिता बेटी को याद करके बेहोश हो जाती हैं। महिलाएं उन पर पानी छिड़कती हैं, तब होश में आती हैं। फिर बेटी को पुकारती हैं और फिर सो जाती हैं। नींद में भी तान्या..तान्या बोलती हैं। दादी घर आने वाले लोगों के सामने हाथ फैला-फैलाकर अपनी पोती मांग रही थीं। बस वह यही कहे जा रही थीं कि कोई मुझे मेरी पोती लौटा दो। पहले देखिए घर की 3 तस्वीरें… ‘समझ नहीं आया टब तक कैसे पहुंची’ तान्या के पिता सोनू उस दिन को याद करते हुए बताते हैं- हादसे के वक्त घर में सभी लोग मौजूद थे। पत्नी खाना बनाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान दादाजी (सोनू के पिता) को मोहनलालगंज जाना था। उन्होंने चाय बनाने के लिए कहा, पत्नी ने नहाने के लिए टब में पानी भरकर रखा था, लेकिन चाय बनाने में बिजी हो गईं। मैं घर के बाहर था। दादाजी टीवी वाले कमरे में थे और उनकी पत्नी रसोई में थीं। लगभग 10 मिनट बाद जब चाय तैयार हुई, तो सोनू ने अपने दोनों बच्चों को चाय लेने के लिए बुलाया, जो पड़ोस के घर में खेल रहे थे। बच्चे चाय लेने अंदर आए। सोनू ने बताया कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि तान्या कब और कैसे रसोई तक पहुंची और पानी से भरे टब के पास गिर गई। जब उनकी मां और पत्नी तान्या को बाहर लेकर आईं, तब उन्हें पता चला कि बच्ची की मौत हो चुकी थी। पूरे दिन छोटी बहन को ढूंढती रही आन्या पिता सोनू ने बताया कि तीन साल की बड़ी बेटी आन्या पूरे दिन घर में अपनी छोटी बहन तान्या को तलाशती रही। वह बार-बार मां और घरवालों से पूछती रही तान्या कहां है। मासूम के सवालों के आगे बेबस परिजनों ने उसे समझाया कि तान्या नानी के घर गई है। मातम में डूबा घर, नहीं जला चूल्हा हादसे के बाद से तान्या के घर में चूल्हा नहीं जला है। परिजन इतने सदमे में हैं कि किसी का खाना बनाने या खाने का मन नहीं हुआ। पड़ोसी और रिश्तेदार ही परिवार के लिए खाना लेकर आ रहे हैं,लेकिन घर के लोग मुश्किल से कुछ निवाला खा पा रहे हैं। मां ललिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, दादी कुसुमावती बार-बार बेसुध हो जा रही हैं। घर में हर तरफ सन्नाटा पसरा है जहां कभी तान्या की आवाज गूंजती थी, वहां अब सिर्फ सिसकियां हैं। खेलते-खेलते पानी के टब में गिर गई थी बेटी नगराम थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव में रविवार (19 अप्रैल) को बाथरूम में पानी से भरे टब में डूबने से 2 साल की बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने घटना की पुलिस को जानकारी नहीं दी। दोपहर में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार, गढ़ा गांव के टेढ़िया मोहल्ला निवासी मजदूर सोनू रावत की सबसे छोटी बेटी तान्या रविवार सुबह करीब आठ बजे घर के बाथरूम में खेल रही थी। उस समय परिवार के अन्य सदस्य बरामदे में चाय पी रहे थे। बच्ची की मां रसोई में काम कर रही थी। बताया गया कि खेलते-खेलते तान्या बाथरूम में रखे पानी से भरे टब के पास पहुंच गई। वह टब में रखे एक गिलास को धोने लगी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। वह मुंह के बल पानी से भरे टब में गिर गई। कुछ देर तक किसी को इस बात की जानकारी नहीं हो सकी। काफी समय बीतने के बाद जब बच्ची नजर नहीं आई, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाथरूम में पहुंचने पर तान्या को टब में अचेत अवस्था में पाया गया।
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नन्हीं बेटी टब में डूबी, मां बार-बार हो रही बेहोश:लखनऊ में पिता बोले- बाइक को धक्के लगाकर मुझे भेजती थी, अब क्या करूंगा