नोएडा ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की PIB में बताएंगे उपयोगिता:एयरपोर्ट जाने का होगा नया लिंक, 10 जून तक हो सकती है बैठक


ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना के लिए आगामी सप्ताह में पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से मंजूरी मिल सकती है। इसके लिए 10 जून तक बैठक हो सकती है। बैठक में नोएडा मेट्रो रेल कापोरेशन के एमडी इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी देंगे। जिसके बाद परियोजना की लागत व उपयोगिता को मंजूरी मंत्रालय स्तर पर मिल सकेगी। जिसके बाद प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा। पीआईबी की बैठक में ही एनएमआरसी अधिकारियों को परियोजना के प्रस्तुतिकरण के लिए बुलाया जाएगा। सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) तक मेट्रो परियोजना की अभी लागत 900 करोड़ रुपये है। ग्रेनो वेस्ट मेट्रो में एनएमआरसी ने किसान चौक तक 5 स्टेशन का कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। इस लिहाज से इस प्रस्ताव को अलग से मंत्रालय में भेजा गया है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि अगर आरआरटीएस के प्रस्तावित रूट को भी मंजूरी मिल जाती है तो इस 5 स्टेशन वाले सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-4 तक के मेट्रो रूट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ये रूट आरआरटीएस से अलग होगा और नोएडा-ग्रेनो वेस्ट को जोड़ेगा। 7.5 किलोमीटर के इस रूट पर 5 मेट्रो स्टेशन सेक्टर-61, 70,122, 123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) शामिल हैं। ये लाइन आरआरटीएस को जोड़ेगा
ये लाइन ही गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित आरआरटीएस को जोड़ेगा। जिससे नोएडा के निवासी मेट्रो और आरआरटीएस के जरिए जेवर एयरपोर्ट तक जा सकेंगे। हालांकि इसके निर्माण में करीब दो साल का समय लग जाएगी। लेकिन इस लाइन से एक लूप तैयार होगा। जिससे गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटरनोएडा और दिल्ली आना जना आसान होगा। 1.25 लाख लोगों को फायदा
इस रूट के बनने से करीब 1.25 और इससे ज्यादा लोगों को फायदा होगा। साथ ही ग्रेनो वेस्ट , गौड़ चौक और नोएडा से ग्रेनो वेस्ट जाने वाले लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जाम से निजात मिल जाएगा। ये एक्सटेंशन लाइन होगी। इसका बजट भी कम होगा। इक्विटी के अनुसार केंद्र सरकार , राज्य सरकार , नोएडा और ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण सभी मिलकर पैसा खर्च करेंगे। जिससे निर्माण हो सकेगा।

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