देवरिया में पेट्रोल-डीजल संकट, 36 से ज्यादा पंप बंद:गोंडा डिपो बंद होने से आपूर्ति प्रभावित, कई पंपों पर तेल खत्म, प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की


देवरिया जिले में बुधवार की रात अचानक पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहों ने अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पेट्रोल पंपों पर देर रात तक लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं।
कसया रोड, कतरारी, सीसी रोड, पुरवां, पथरदेवा, तरकुलवा, बरियारपुर और महुआडीह क्षेत्र के पंपों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोग घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। अफवाहों के चलते लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने में जुट गए, जिससे हालात और बिगड़ गए। पिछले कुछ दिनों से गोंडा डिपो पर लोडिंग बंद होने की वजह से बैतालपुर डिपो पर दबाव बढ़ गया है। बैतालपुर डिपो से भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के माध्यम से गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के साथ नेपाल तक ईंधन की आपूर्ति होती है। यहां करीब 700 टैंकर जुड़े हैं। गोंडा डिपो बंद होने से आपूर्ति प्रभावित हुई और पंपों की मांग में 25 से 30 प्रतिशत तक कटौती की जा रही है। कंपनियों ने उधार में तेल देने पर रोक लगा दी है और केवल नकद भुगतान करने वाले पंपों को ही ईंधन दिया जा रहा है। कई पंपों पर खत्म हुआ तेल जिले के कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति भी देखने को मिली। पथरदेवा और कंचनपुर के कुछ पंप बंद रहे, जबकि बघौचघाट, हनुमानगंज और तरकुलवा क्षेत्र के बसंतपुर धूसी पंप पर सैकड़ों लोग जुट गए।
बघौचघाट पंप पर सामान्य दिनों में दो नोजल चलती हैं, लेकिन बुधवार को केवल एक-एक नोजल से ही पेट्रोल और डीजल दिया गया। सलेमपुर क्षेत्र के बेलपार टोला पंप पर पेट्रोल खत्म होने के बाद ‘पेट्रोल नहीं है’ का बोर्ड लगाना पड़ा। कई जगह लोग प्लास्टिक के डिब्बों और गैलनों में तेल भरकर अवैध बिक्री करते भी नजर आए। वाहनों की रफ्तार थमी, आवागमन प्रभावित डीजल और पेट्रोल की कमी से आम लोगों के जीवन पर असर पड़ा। वाहनों की रफ्तार थम गई और कई लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। तरकुलवा क्षेत्र में कुछ पंपों के बंद होने की सूचना फैलते ही लोग अन्य पंपों की ओर दौड़ पड़े, जिससे वहां भी अफरा-तफरी बढ़ गई। पंप संचालकों का कहना है कि आपूर्ति जल्द सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए और आवश्यकता अनुसार ही तेल लेना चाहिए। किसानों की चिंता बढ़ी, कटाई पर संकट ईंधन संकट का असर किसानों पर भी दिख रहा है। जिले में गेहूं की कटाई का समय नजदीक है, लेकिन डीजल की कमी के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई। करौदी बाजार, धुसवा और लाहिलपार के पंप पिछले तीन-चार दिनों से बंद रहे। किसानों ने बताया कि उनके हार्वेस्टर, ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण तैयार हैं, लेकिन ईंधन न मिलने से मशीनें ठप हैं। सरौरा, धूमनगर और महुई के किसानों ने प्रशासन से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की, ताकि समय पर कटाई शुरू हो और फसल खराब न हो। प्रशासन का दावा—पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से बचें जिला प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की कमी से इनकार किया है। जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय के अनुसार जिले में कुल 202 पेट्रोल पंप हैं, जहां 1543 किलोलीटर पेट्रोल और 1907 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है। अब तक 263 केएल पेट्रोल और 435 केएल डीजल की बिक्री हो चुकी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन खरीदें। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *