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संभल में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बुधवार शाम 6 बजे ने अपने आवास पर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने मौलाना तौकीर रजा की जमानत खारिज होने को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। हालांकि, उन्होंने सरकार पर तौकीर रजा के खिलाफ दमनकारी कार्रवाई करने का आरोप लगाया। बर्क ने कहा कि उनका परिवार, शुभचिंतक और समर्थक जमानत के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द जमानत मिल जाएगी। ‘सर तन से जुदा’ नारे को बताया गलत जियाउर्रहमान बर्क ने ‘सर तन से जुदा’ नारे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह ऐसे शब्दों को सही नहीं मानते और इस तरह का कोई नारा नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के धार्मिक नारों में ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘आई लव मोहम्मद’ जैसे नारे हैं। उनके मुताबिक, कोई सरकार धार्मिक नारों को उनसे नहीं छीन सकती। धार्मिक भावनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग बर्क ने कहा कि किसी की धार्मिक टिप्पणी से भावनाएं आहत होती हैं और पुलिस या सरकार कार्रवाई नहीं कर पाती है, तो न्यायपालिका को ऐसे मामलों में सख्त सजा देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वह लोकसभा और विधानसभा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले मामलों में विशेष कानून बनाने की मांग उठा चुके हैं। आंगनबाड़ी मानदेय बढ़ाने पर सरकार से सवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के ऐलान पर भी बर्क ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मानदेय बढ़ाने में 10 साल क्यों लगे। बर्क ने कहा कि चुनाव के समय घोषणाएं की जा रही हैं। कागजी प्रक्रिया पूरी होने तक आचार संहिता लागू हो सकती है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग बर्क ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय पहले ही बढ़ाया जाना चाहिए था। उन्होंने शिक्षामित्रों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने उनके मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की। तौकीर रजा की जमानत पर हाईकोर्ट की टिप्पणी इलाहाबाद हाईकोर्ट से मौलाना तौकीर रजा को जमानत नहीं मिलने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। हाईकोर्ट ने ‘सर तन से जुदा’ नारे को लेकर टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि इसकी तुलना ‘अल्लाहु अकबर’ या ‘जय श्री राम’ जैसे धार्मिक नारों से नहीं की जा सकती है।
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तौकीर रजा की जमानत खारिज होना कानूनी प्रक्रिया:सांसद बर्क बोले- सरकार दमनकारी कार्रवाई कर रही; 'सर तन से जुदा’ नारा गलत