डीएम बोले- मनरेगा कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी:एटा में बैठक की, पारदर्शिता-गुणवत्ता सुनिश्चित करने और रोजगार सेवकों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए


एटा में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता, वृक्षारोपण, अमृत सरोवरों की प्रगति तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मनरेगा कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही और मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने रोजगार सेवकों की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी जताते हुए कार्यों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने, श्रमिकों का समयबद्ध भुगतान करने और जॉब कार्डधारकों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के वृक्षारोपण कार्यों तथा अमृत सरोवरों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने, जीवित और नष्ट पौधों का रिकॉर्ड रखने तथा पौधारोपण स्थलों की सुरक्षा व रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि वह विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे। डीएम ने अमृत सरोवरों में वर्षभर पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अधिकारियों से इनलेट के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने तालाबों और सरोवरों के किनारों पर व्यापक वृक्षारोपण कर हरित पट्टी विकसित करने पर भी जोर दिया। ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बड़े व्यापारियों, मंडियों और व्यापारिक संस्थानों से समन्वय स्थापित कर महिला समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने मलावन पावर प्लांट के निकट स्थित वेटलैंड क्षेत्र के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, डीसी मनरेगा प्रभु दयाल सहित समस्त खंड विकास अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, जिला मिशन प्रबंधक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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