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लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में चल रहे आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान में सोमवार को विशेष धार्मिक माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने 1024 अर्घ समर्पित कर सिद्ध भगवान की आराधना की। इस अवसर पर आचार्य सुबल सागर ने भगवान के गुणों का व्याख्यान करते हुए धर्म और संयम का संदेश दिया। प्रतिष्ठाचार्य आशीष जैन पुण्यांश ने बताया कि सिद्ध भगवान की आराधना से दुख और दरिद्रता का नाश होता है। सुबह प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य अक्षय और संचित को प्राप्त हुआ। जैन समाज के अध्यक्ष पी.के. जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। प्रतिमा को इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर लाया गया इसी कार्यक्रम के दौरान, बरासो तीर्थक्षेत्र में स्थापित होने वाली भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर लाया गया। समिति के पदाधिकारियों ने प्रतिमा का अनावरण किया। समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने जानकारी दी कि बरासो तीर्थ में 414 फीट ऊंचे सुमेरु पर्वत का निर्माण कार्य चल रहा है। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ होगा अभिषेक जैन ने यह भी बताया कि आचार्य सुबल सागर का चातुर्मास 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ होगा। चातुर्मास स्थापना महोत्सव सुबह 8 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में आयोजित किया जाएगा। चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन प्रवचन, धर्मसभा, स्वाध्याय, पूजन-अर्चन और समाजोत्थान से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवधि में स्वतंत्रता दिवस, भगवान नेमिनाथ जन्म एवं तप कल्याणक, मोक्ष सप्तमी, रक्षाबंधन, पर्युषण महापर्व, क्षमावाणी, अहिंसा दिवस, नवरात्रि, दशहरा, नगर भ्रमण और दीपावली निर्वाण लाडू जैसे कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भी शामिल होंगे।
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लखनऊ के जैन मंदिर में सिद्धचक्र विधान:श्रद्धालुओं ने 1024 अर्घ समर्पित कर की सिद्ध भगवान की आराधना