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झांसी में पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से ठगी करने वाली राजस्थान-बिहार की एक गैंग का खुलासा किया है। शनिवार को 4 थानों की पुलिस ने एक ऑफिस में दबिश देकर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनसे 8 मोबाइल, 8300 रुपए और ठगी से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस गैंग ने झांसी में एक ऑफिस बना रखा था। आरोपी सरकारी नौकरी का वादा करके लोगों को ऑफिस बुलाते थे। सबसे पहले 1100 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस लेते थे। फिर फेक इंटरव्यू करके उनको पास कर देते थे। फिर नौकरी के लिए तैयार करने के नाम पर 30 हजार रुपए एडवांस लेते थे। उनको फेक क्लासेस भी कराते थे। इसके बाद पीड़ितों से ही अपने सगे-संबंधियों को कॉल कराकर नौकरी का झांसा दिलाते थे। जब लोगों की नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने दबिश देकर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मौके से बंधक बनाए गई 3 महिला समेत 53 लोगों को मुक्त कराया गया है। इससे पहले गैंग के आरोपी वाराणसी और लखनऊ में भी इस तरह से ठगी करते हुए पकड़े जा चुके हैं। 3 महीने से झांसी में ठगी कर रहे थे। आरोपियों ने राजगढ़ में ऑफिस बना रखा था एसएसपी विकास कुमार ने बताया- राजस्थान के कुछ लोगों ने शिकायत की थी। जिसमें बताया कि एक गैंग ने उनको सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर झांसी बुलाकर ठगी की है। ये भी बताया कि गैंग की चुंगल में बहुत सारे लोग फंसे हैं, जिनके साथ फ्रॉड हो रहा है। इस तहरीर पर साइबर पुलिस ने जांच की। जिसमें ठगी की पुष्टि हुई। पता चला कि आरोपियों ने राजगढ़ स्थित कृष्णा कॉम्पलेक्स में एक मकान किराए पर लिया था। जहां मां लक्ष्मी एसोसिएट का बोर्ड लगा था। तब एएसपी सिमरन सिंह और सीओ साइबर आसमा वकार के नेतृत्व में 4 थाना की पुलिस ने रेड की। ऑफिस में बंधक बनाए गए 53 लोगों का रेस्क्यू किया गया। इसमें 50 पुरुष और तीन महिलाएं हैं। साथ ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सरगना आलाेक कुमार बिहार का रहने वाला है। कार्यालय बुलाकर ठगी का शिकार बनाने थे एसएसपी ने आगे बताया- आरोपियों ने कबूला कि वे लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर कार्यालय बुलाते थे। शुरूआत में बोलते थे कि सरकारी विभाग में नौकरी दिलाएंगे। फिर फेक इंटरव्यू कराते थे। उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1100 रुपए लेते थे। फिर 30 हजार रुपए एडवांस लेते थे कि हम नौकरी के लिए तैयार करेंगे। इसमें दो से तीन महीने का समय लगेगा। रहने और खाने का अलग चार्ज करते थे। दिखावे के लिए कुछ फेक साइक्रोलॉजी की क्लासेस भी कराते थे। जो लोग चुंगल में फंस जाते थे। उनसे सगे-संबंधियों को कॉल लगवाते थे। जिसमें सरकारी नौकरी लगवाने का लालच देकर उनको ऑफिस बुलाते थे। फिर उनके साथ भी इसी तरह ठगी करते थे। 6 पीड़ित ऑफिस से चले गए एसएसपी ने बताया- जो पीड़ित ऑफिस छोड़कर जाने की बात कहता था तो उनसे स्टाम्प पेपर पर साइन कराते थे। उसमें लिखवाते थे कि मेरा कोई बकाया नहीं है। न पैसा लिया और न ही कोई पैसा दिया है। इसके बाद पीड़ित को छोड़ देते थे। ठगी के शिकार 6 लोग अब तक ऑफिस छोड़कर जा चुके थे। जबकि 53 लोग बंधक बनाए गए थे। इस तरह अब तक जांच में 59 लोगों से ठगी की बात सामने आई है। इसके अलावा और कितने लोगों से फ्रॉड हुआ, इसका पता लगा रहे हैं। प्रत्येक से औसतन 30 हजार रुपए की ठगी हुई। पुलिस को ऑफिस से काफी सारे दस्तावेज मिले हैं। आरोपी ज्यादातर लेनदेन कैश में करते थे। जो मास्टरमाइंड है, उसके किस खाते में पैसे गए, कहां पैसे भेजे गए। इस सबकी पुलिस जांच कर रही है। ब्रांडेड कंपनी के प्रोडक्ट भी मिले एसएसपी ने कहा- दिखावे के लिए आरोपियों ने मल्टीलेवल कंपनी के प्रोडक्ट रखे हुए थे। पुलिस ने मौके से कुछ प्रोडक्ट जब्त किए हैं। जिनकी प्राइज बहुत ज्यादा हाई है। पुलिस आगे भी काम कर रही है। जो इनके संरक्षणदाता हैं, उनको भी अरेस्ट करेंगे। अगर कंपनी का कोई रोल मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे।
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झांसी में सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने 59 को ठगा:राजस्थान-बिहार की गैंग ऑफिस खोलकर फेक इंटरव्यू करते थे, 8 आरोपी गिरफ्तार