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जौनपुर जिले में महिलाएं वाहन खरीदने में रुचि दिखा रही हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहन चलाने के मामले में वे पुरुषों से काफी पीछे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के नाम पर वाहनों का पंजीकरण बढ़ रहा है, लेकिन सड़कों पर महिला चालकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। जनवरी से मई तक की अवधि में जिले में कुल 12,000 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए। इनमें से महिलाओं को केवल 600 लाइसेंस मिले, जो कुल का 5%है। आंकड़ों के अनुसार, हर महीने औसतन 100 से 120 महिलाएं ही लाइसेंस के लिए आवेदन कर रही हैं। इसी अवधि के दौरान, जिले में कुल 16,071 नए वाहनों का पंजीकरण हुआ। इनमें से लगभग 1,500 वाहन महिलाओं के नाम पर पंजीकृत किए गए, जो कुल पंजीकरण का 10 प्रतिशत से अधिक है। यह आंकड़ा वाहन खरीदने में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस जीवन में एक ही बार बनता है, इसलिए पुराने लाइसेंस धारक नया वाहन खरीदने पर दोबारा प्रक्रिया नहीं अपनाते। इसके अतिरिक्त, कई नौकरीपेशा और कामकाजी महिलाएं अपने पति, बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों के लिए अपने नाम पर वाहन खरीदती हैं, जिनका वास्तविक संचालन पुरुष ही करते हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन) सत्येंद्र सिंह ने बताया कि सुरक्षित यातायात के लिए विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब यातायात नियमों का पालन करने और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पहले से अधिक दिलचस्पी ले रही हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। हालांकि, लाइसेंस बनवाने के मामले में महिलाएं पुरुषों से पीछे हो सकती हैं, लेकिन सड़क पर अनुशासन और यातायात नियमों के पालन में वे पुरुषों से आगे हैं। वे अक्सर हेलमेट का प्रयोग करती हैं, वाहनों को नियंत्रित गति में चलाती हैं और पुरुषों की तरह गलत ढंग से ओवरटेक करने से बचती हैं। मई माह में विभिन्न धाराओं के तहत जिले में कुल 1,307 वाहनों का चालान किया गया, जिनमें से केवल 112 वाहन महिलाओं के नाम पर पंजीकृत थे। खास बात यह भी रही कि इन 112 वाहनों की स्टेयरिंग भी पुरुष चालकों के हाथों में ही थी।
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जौनपुर में महिलाएं खरीद रहीं वाहन, लाइसेंस में पीछे:12 हजार में सिर्फ 600 महिलाओं ने बनवाए ड्राइविंग लाइसेंस