पंजाब के पूर्व CM चन्नी क्या कांग्रेस छोड़ेंगे?:हाईकमान से सीधी टक्कर, प्रभारी बघेल की परवाह नहीं, प्रधान वड़िंग के कार्यक्रमों से दूरी


पंजाब के पूर्व CM व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी की नाराजगी को हाईकमान सीरियसली नहीं ले रहा। कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल पंजाब दौरे पर हैं लेकिन चन्नी से मुलाकात की कोई कोशिश नहीं हो रही। प्रधान राजा वड़िंग के पार्टी प्रोग्राम से भी उन्होंने दूरी बना रखी है। ऐसे में अब पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री बने चन्नी के सियासी फ्यूचर को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चन्नी कांग्रेस छोड़ सकते हैं, इसको लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं है लेकिन पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम से इसको लेकर चर्चा जरूर हो रही है कि कांग्रेस नेतृत्व से बढ़ती दूरियों के बीच चन्नी कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। चन्नी की अलग राह को लेकर अटकलें क्यों? विवाद के बाद भी कांग्रेस क्यों नहीं छोड़ेंगे चन्नी? इसकी 3 वजहें मानी जा रही हैं… पहली- चन्नी ने ही कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। दूसरी- हाईकमान ने अब तक उनके खिलाफ कोई बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है, जिससे बातचीत की गुंजाइश बनी हुई दिखाई देती है। तीसरी- 2027 विधानसभा चुनाव में अभी समय है। ऐसे में राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं और मौजूदा मतभेद भी सुलझ सकते हैं। जानिए, विवाद कैसे शुरू हुआ और क्यों बढ़ता गया
चन्नी चाहते थे कि अमरिंदर राजा वड़िंग को प्रधान के पद से हटा दिया जाए। खुद चन्नी भी इस पद के दावेदार थे। अगर वड़िंग को नहीं हटाना तो फिर उन्हें (चन्नी को) CM चेहरा घोषित कर दिया जाए। कांग्रेस ने उनकी दोनों बातें नकार दीं। प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधान बदलना कोई गुड्डे-गुड्‌डी का खेल नहीं। सीएम चेहरे पर कहा कि चुनाव राहुल गांधी के चेहरे पर लड़ेंगे, CM कौन होगा, इसका फैसला नतीजों के बाद होगा। इसके बाद चन्नी नाराज हो गए। हाईकमान ने प्रभारी बघेल को पंजाब भेजा लेकिन चन्नी पहले उनसे नहीं मिले। आखिरी दिन मीटिंग हुई तो बघेल ने उनसे मुलाकात के बाद राजा वड़िंग की डिफेंडर में सवार होकर एयरपोर्ट निकल गए, जिसे चन्नी गुट ने उनकी असहमति के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा मखौल उड़ाने का कदम समझा। इसके बाद केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में उनसे मीटिंग की लेकिन चन्नी नहीं माने। बघेल फिर पंजाब आए और कांग्रेस के बूथ को मजबूत करने की मीटिंग करने लगे लेकिन इसकी लॉन्चिंग से लेकर अब तक चन्नी इन मीटिंगों में नहीं आ रहे। चन्नी के सामने आगे क्या रास्ते?

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