जौनपुर में बैंक सखियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग की:स्थायी करने सहित 5 मांगें रखीं, पूरी न होने पर धरने की चेतावनी दी।


जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बैंक सखियों ने डीएम को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। बैंक सखियों ने मानदेय बढ़ाने और सेवा को स्थायी करने की मांग की है। उनका कहना है कि चार साल से बैंकिंग और वित्तीय काम करने के बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय बेहद कम है और वह भी नियमित रूप से नहीं मिलता। बैंक सखियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो एक सप्ताह बाद धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक शाखाओं में रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक काम करने के साथ उन्हें कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। बैंक सखियों के मुताबिक वे 15 नवंबर 2021 से अलग-अलग बैंक शाखाओं में काम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों के खाते खुलवाने से लेकर समूहों को लोन दिलाने और उसकी वसूली तक का काम उनकी जिम्मेदारी में शामिल है। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना के बारे में लोगों को जानकारी देकर इन योजनाओं से जोड़ने का काम भी करती हैं। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक काम बैंक सखियों का कहना है कि बैंक में उन्हें सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक काम करना पड़ता है। इसके अलावा बैंक से जुड़े अन्य काम भी वे संभालती हैं। इसके बदले उन्हें हर महीने 4 हजार रुपये का मानदेय तय है। उनका कहना है कि यह रकम भी हर महीने खाते में नहीं आती। कई बार 6 महीने या एक साल बाद मानदेय मिलता है। ऐसे में इतनी कम और अनियमित आय में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। 25 हजार मानदेय और स्थायी करने की मांग बैंक सखियों ने सेवा को स्थायी करने और मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। इसके अलावा काम के लिए ड्रेस और पहचान पत्र उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई है। उन्होंने बैंकिंग काम के लिए टैबलेट, मोबाइल रिचार्ज की सुविधा और काम के सिलसिले में आने-जाने का भत्ता देने की भी मांग की है। मुफ्त इलाज की सुविधा भी मांग में शामिल बैंक सखियों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों में मुफ्त इलाज की सुविधा देने की मांग भी शामिल की है। उनका कहना है कि लंबे समय से बैंकिंग सेवाओं में काम करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान उन्होंने प्रशासन से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। साथ ही साफ किया कि मांगें पूरी नहीं होने पर एक सप्ताह बाद धरना देकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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