जूही में पेयजल संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा:पार्षद ने जलकल कार्यालय पर दिया धरना, बोलीं- टैक्स पूरा, पानी अधूरा


कानपुर के जूही स्थित संत रविदास नगर में पिछले पांच दशकों से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर शुक्रवार को क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय पार्षद शालू सुनील कनौजिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने बाबा कुटी स्थित जलकल विभाग के जोन-3 कार्यालय के बाहर धरना दिया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर 2 बजे प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सालों से शिकायतें करने के बावजूद विभाग ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि इलाके में पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने बताया कि पेयजल संकट के समाधान के लिए जलकल विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन न तो नई पाइपलाइन बिछाई गई और न ही जलापूर्ति व्यवस्था में कोई सुधार किया गया। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण 50 हजार से अधिक की आबादी लंबे समय से जल संकट झेल रही है। मांग पूरी न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी उन्होंने आरोप लगाया कि जोन-3 के अंतर्गत आने वाले वार्ड-14 के लोग सबसे अधिक टैक्स अदा करते हैं, लेकिन उन्हें शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पार्षद ने चेतावनी दी कि जब तक विभाग उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं देता और समस्या के समाधान की समयसीमा घोषित नहीं की जाती है, तब तक धरना जारी रहेगा। नई पाइपलाइन बिछाकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की उठाई मांग धरने में शामिल स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि एक ओर कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर लोग आज भी पीने के पानी जैसी सुविधा के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने जल्द से जल्द नई पाइपलाइन बिछाकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

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