ग्रामीण महिलाओं को मोटे अनाज से आय बढ़ाने का प्रशिक्षण:कृषि विश्वविद्यालय में सिखाए गए मूल्य संवर्धित उत्पाद, तीसरे दिन केक बिस्कुट बनाया




अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाना है। प्रशिक्षण के तीसरे दिन महिलाओं को मोटे अनाजों से केक, बिस्कुट और कुकीज बनाना सिखाया गया। प्रशिक्षण में मोटे अनाजों से मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने की विधियों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें केक, बिस्कुट, कुकीज, मिलेट और पास्ता बनाने के तरीके, उनका पोषण महत्व और इनके माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों के बारे में बताया गया।
कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. प्रतिभा सिंह ने इस अवसर पर कहा कि आने वाला समय ‘श्रीअन्न’ का है। उन्होंने बताया कि यह पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण बहुत उपयोगी साबित होगा और कई बीमारियों से बचाव में मदद करेगा। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह ने जानकारी दी कि मोटे अनाज से मूल्य संवर्धन उत्पाद तैयार कर महिलाएं घर बैठे अपनी आय बढ़ा सकती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मोटे अनाजों को पीसकर महिलाएं घर में ही बिस्कुट, कुकीज, ब्रेड, नूडल्स, पास्ता और बेबी फूड बना सकती हैं। डॉ. साधना ने यह भी बताया कि मोटे अनाजों से प्रोटीन पाउडर भी बनाया जा सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होगा। यह कार्यक्रम अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह के संयोजन में आयोजित किया गया है और इसे उपकार द्वारा वित्त पोषित परियोजना के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता चौधरी ने किया, जिन्होंने सभी अतिथियों का धन्यवाद भी किया। इस प्रशिक्षण में आस-पास की 36 ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. संजीत कुमार, डॉ. शिवनाथ और डॉ. गिरीश गोयल भी उपस्थित रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *