![]()
बरसात के मौसम में हवा में नमी और उमस बढ़ने से स्किन की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। गोरखपुर जिला अस्पताल की स्किन ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. नवीन वर्मा ने बताया कि रोजाना 300 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं, जबकि आम दिनों में यह आंकड़ा 200 के आसपास रहता था। ओपीडी में आ रहे कुल मरीजों में से लगभग 250 नए मरीज हैं। इन मरीजों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग शामिल हैं। उनका कहना है कि बारिश के बाद नमी और पसीने के कारण त्वचा से जुड़ी बीमारियों का हमला तेज हुआ है। इस समय ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीज फंगल इंफेक्शन और घमौरियों की समस्या लेकर आ रहे हैं। गीले कपड़े पहनने से होती दिक्कत
डॉक्टर ने बताया कि बरसात के मौसम में पसीना आसानी से सूखता नहीं है। इसके अलावा सूती कपड़ों की जगह टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनने से पसीना अंदर ही जमा रहता है। शरीर के जिन हिस्सों में पसीना और नमी जमी रहती है, वहां बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। ज्यादा देर तक भीगे या सीलन वाले कपड़े पहनने से त्वचा पर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि फंगल इंफेक्शन में शरीर पर लाल गोल चकत्ते पड़ जाते हैं, जिनमें तेज खुजली और जलन होती है। कई मरीजों में दाद और जांघों या उंगलियों के बीच पपड़ी जमने की शिकायत आ रही है। वहीं घमौरियों के कारण मरीजों की पीठ, गर्दन और छाती पर छोटे-छोटे लाल दाने निकल रहे हैं, जिनमें तेज चुभन और खुजली होती है। फंगल इंफेक्शन के लक्षण घमौरियों के लक्षण डॉक्टर ने बताए बचाव के आसान उपाय
डॉ. नवीन वर्मा ने इन बीमारियों से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। जिनमें डॉक्टर के सलाह के बिना न करें इलाज
उन्होंने सलाह दी है कि खुजली या दाने होने पर मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर से पूछे कोई भी स्टेरॉयड क्रीम या ट्यूब न लगाएं। इससे इंफेक्शन ठीक होने के बजाय और खतरनाक हो सकता है। समस्या होने पर सीधे अस्पताल जाकर स्किन के डॉक्टर को दिखाएं।
Source link
गोरखपुर में फंगल इंफेक्शन, घमौरियों के 50% मरीज बढ़े:जिला अस्पताल के डॉक्टर बोले- नमी, उमस से बढ़ रही बीमारी