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गोरखपुर के बैंक रोड स्थित कम्पोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान को लेकर आबकारी विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए पुराने लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। वहीं, नई ई-लॉटरी प्रक्रिया के जरिए दुकान का आवंटन कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई को नियमों के पालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि संबंधित दुकान के संचालन में कई तरह की अनियमितताएं और विभागीय मानकों की अनदेखी पाई गई थी। उन्होंने कहा, “निरीक्षण के दौरान दुकान में गंभीर कमियां मिली थीं। नियमों का पालन नहीं होने पर विभाग ने लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया और पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू किया गया।” पारदर्शी ई-लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई लाइसेंस निरस्त होने के बाद विभाग ने नए आवंटन के लिए ई-लॉटरी प्रणाली को अपनाया। इस प्रक्रिया में पांच से अधिक लोगों ने टेंडर दाखिल किया। अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यम से लॉटरी कराई गई, ताकि किसी भी प्रकार की पक्षपात की गुंजाइश न रहे। अरविंद कुमार मौर्य ने कहा, “विभाग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा है और सभी पात्र आवेदकों को समान अवसर दिया गया है।” ई-लॉटरी के परिणामस्वरूप यह दुकान मनीष गौड़ (पुत्र विनोद गौड़) के नाम आवंटित की गई है। अब दुकान का संचालन उनके द्वारा किया जाएगा। विभाग ने उन्हें लाइसेंस से संबंधित सभी शर्तों और नियमों की जानकारी भी दे दी है। नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि नए लाइसेंस धारक को विभाग द्वारा निर्धारित सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। जिला आबकारी अधिकारी ने कहा, “यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियम उल्लंघन पाया जाता है, तो विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” विभाग की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि शहर में संचालित अन्य शराब दुकानों की भी समय-समय पर जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व नियमानुसार सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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गोरखपुर में अनियमितता पर शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त:ई-लॉटरी में बनाए गए नए संचालक, विभाग ने दी सख्त चेतावनी