गर्मी बढ़ी तो कानपुर जू में बदली जानवरों की डाइट:शेर-बाघ अब 10 की जगह 7 किलो मांस खा रहे, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ाई


मौसम में आए बदलाव और बढ़ते तापमान का असर अब चिड़ियाघर के वन्यजीवों पर भी साफ दिखने लगा है। कानपुर प्राणी उद्यान प्रशासन ने जानवरों को गर्मी और मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए विशेष ‘समर डाइट चार्ट’ लागू किया है। जू निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल के मुताबिक, जानवरों की सेहत और पाचन को ध्यान में रखते हुए उनके खान-पान में अहम बदलाव किए गए हैं। मांसाहारी जीवों की डाइट में कटौती गर्मियों में भारी भोजन पचाना वन्यजीवों के लिए मुश्किल होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शेर और बाघ जैसे मांसाहारी जानवरों की खुराक कम कर दी गई है। पहले जहां इन्हें रोजाना 9-10 किलो मांस दिया जाता था, अब इसे घटाकर 7-8 किलो कर दिया गया है। इसका उद्देश्य शरीर में अतिरिक्त चर्बी बढ़ने से रोकना और उन्हें सक्रिय बनाए रखना है। वायरस से बचाव के लिए वैक्सीनेशन मौसम बदलने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए जू प्रशासन ने हाल ही में सीबीआरएस (CBRS) वैक्सीनेशन अभियान पूरा किया है। यह टीकाकरण खास तौर पर शेर और बाघों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए किया गया है, ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। विटामिन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ाई डाइट में कटौती के साथ-साथ पोषण संतुलन पर भी ध्यान दिया गया है। जानवरों के भोजन में मल्टीविटामिन और जरूरी मिनरल्स की मात्रा बढ़ा दी गई है। जो जानवर ब्रीडिंग के दौर में हैं, उनके लिए विशेष डाइट तैयार की गई है, ताकि उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा मिल सके। साथ ही डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पानी और भोजन के जरिए सप्लीमेंट्स भी दिए जा रहे हैं। बाड़ों में कूलिंग की व्यवस्था खान-पान के साथ ही जानवरों के रहने वाले बाड़ों में भी जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। तापमान नियंत्रित रखने के लिए कूलिंग की व्यवस्था की गई है और ताजे पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इन उपायों से गर्मी के दौरान वन्यजीवों को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में मदद मिल रही है।

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