इटावा सफारी पार्क पहुंची 7 वर्षीय शेरनी सुधा:21 दिन क्वारंटाइन में रहेगी; सिंबा और सुल्तान से ब्रीडिंग की तैयारी, रोहतक जू से लाई गई

लंबे इंतजार के बाद हरियाणा के रोहतक जू से 7 वर्षीय शेरनी सुधा को इटावा सफारी पार्क लाया गया है। सोमवार तड़के सफारी पार्क की टीम शेरनी को सुरक्षित लेकर इटावा पहुंची। सफारी प्रशासन ने उसे फिलहाल लायन हाउस-1 में 21 दिनों के क्वारंटाइन में रखा है। इस दौरान शेरनी के स्वास्थ्य, खानपान और व्यवहार…

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लखनऊ के चिड़ियाघर में जानवरों के लिए ‘कूल डाइट’:चिम्पैंजी को दिया गया तरबूज, भालू खा रहा खीरा; पक्षियों के लिए स्पेशल ट्रीट

चिम्पैंजी तरबूज खा रहा है तो, भालू खीरा…चिड़ियाघर में जानवरों को 42 डिग्री टेंपरेचर में राहत देने के लिए बर्फ की सिल्लियां लगाई गई हैं। लखनऊ में पड़ रही भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि बेजुबान जानवरों पर भी साफ दिख रहा है। ऐसे में नवाब वाजिद अली शाह चिड़ियाघर में…

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लखनऊ चिड़ियाघर में वन्यजीवों को गर्मी से राहत:स्प्रिंकलर, कूलर और विशेष आहार से तापमान नियंत्रित करने के इंतजाम

लखनऊ में बढ़ती गर्मी के बीच नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान ने वन्य जीवों को राहत देने के लिए खास इंतजाम किए हैं। बाड़ों में स्प्रिंकलर सिस्टम लगाकर ठंडी फुहारों का प्रबंध किया गया है, जहां हिरन अक्सर खेलते नजर आते हैं। जानवरों के लिए ठंडा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है,…

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गर्मी बढ़ी तो कानपुर जू में बदली जानवरों की डाइट:शेर-बाघ अब 10 की जगह 7 किलो मांस खा रहे, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ाई

मौसम में आए बदलाव और बढ़ते तापमान का असर अब चिड़ियाघर के वन्यजीवों पर भी साफ दिखने लगा है। कानपुर प्राणी उद्यान प्रशासन ने जानवरों को गर्मी और मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए विशेष ‘समर डाइट चार्ट’ लागू किया है। जू निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल के मुताबिक, जानवरों की सेहत और पाचन को ध्यान…

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15 Lakh White Mice Annually

दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर2 मिनट पहले कॉपी लिंक आमतौर पर घर में चूहे दिख जाएं तो लोग लाठी-डंडा लेकर उनके पीछे दौड़ पड़ते हैं या पिंजरा लगा देते हैं, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि ये न जाने कब कौन सा कीमती सामान कुतर डालें। कई बार लोग विकल्प के रूप में सफेद चूहों का…

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विश्व गौरैया दिवस, घरों से गायब हो रही चिड़िया:लखीमपुर में विशेषज्ञ बोले, संरक्षण मिले तो फिर आंगन में लौटेंगी

गौरैया जो कभी घर-आंगन का एक सामान्य हिस्सा हुआ करती थी, अब आधुनिक जीवनशैली और बदलते परिवेश के कारण तेजी से कम हो रही है। पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गौरैया को उचित संरक्षण और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाए, तो यह छोटी चिड़िया एक बार फिर घरों और आंगनों में लौट सकती…

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