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बलरामपुर में भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में गर्भवती महिला से मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तत्कालीन राजस्व निरीक्षक, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक और एक लेखपाल के खिलाफ समन जारी किया है। अदालत ने तीनों आरोपियों को 20 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। परिवाद के अनुसार, थाना ललिया क्षेत्र के कोडरी बाजार निवासी कुसुम ने वर्ष 2025 में अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि भूमि विवाद को लेकर उनके परिवार और तत्कालीन राजस्व निरीक्षक सुरेश कुमार यादव के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। शिकायत में कहा गया है कि उनके ससुर द्वारा भूमि प्रकरण में उच्च न्यायालय में याचिका दायर किए जाने के बाद राजस्व निरीक्षक कथित तौर पर परिवार से रंजिश रखने लगे थे। महिला का आरोप है कि 22 फरवरी 2025 की शाम तत्कालीन राजस्व निरीक्षक सुरेश कुमार यादव, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक बृजानंद सिंह और लेखपाल महराज नारायण उनके घर पहुंचे। पति और ससुर के बारे में पूछताछ करने के बाद उनके नहीं मिलने पर तीनों ने कथित रूप से गाली-गलौज की, मारपीट की और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मारपीट के दौरान पेट पर लात मारने से बाद में उनका तीन माह का गर्भ गिर गया। अदालत ने परिवादिनी के बयान, गवाहों की गवाही और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद पाया कि मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के आरोपों पर प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य पर्याप्त आधार मौजूद हैं। हालांकि, गर्भपात के आरोप के संबंध में इस स्तर पर पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण उस बिंदु पर संज्ञान नहीं लिया गया। इसी आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ समन जारी करते हुए उन्हें 20 जुलाई 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप:तत्कालीन एसएचओ, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल कोर्ट में तलब