किशोर की अपहरण-हत्या में दो आरोपियों को आजीवन कारावास:संभल में कोर्ट ने सुनाया फैसला , 35-35 हजार का जुर्माना भी लगाया


संभल में 11 साल पहले हुए 10 वर्षीय किशोर के अपहरण और हत्या के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। एफटीसी-2 मुरादाबाद कोर्ट ने गांव के ही दो आरोपियों को आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह घटना संभल जनपद की तहसील चंदौसी के थाना कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव इमरतपुर स्योडारा की है। 24 फरवरी 2015 को गांव निवासी मानसिंह पुत्र रेवाराम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 21/22 फरवरी 2015 की रात करीब 12 बजे उनका बेटा पड़ोसी सोमपाल के लड़के विजयपाल के साथ बारात देखने गया था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 23 फरवरी को एक फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनका लड़का उनके पास है और उसे सुरक्षित वापस पाने के लिए 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। परिवार कई दिनों तक मिन्नतें करता रहा, लेकिन अपहरणकर्ता फिरौती की रकम कम करने को तैयार नहीं हुए।
पीड़ित पिता की शिकायत पर थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 364ए (फिरौती के लिए अपहरण), 302 (हत्या), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 201 (सबूत मिटाना) और 147 (दंगा) के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। मंगलवार को एफटीसी-2 मुरादाबाद न्यायालय ने अभियुक्त प्रेमपाल पुत्र रामकुंवर और नरेश पुत्र छग्गे धोबी, निवासी इमरतपुर स्योडारा, थाना कुढ़फतेहगढ़, जनपद संभल को दोषी ठहराया। कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। एडीजीसी महेंद्र सिंह कश्यप ने बताया कि बच्चों के अपहरण के बाद उनकी हत्या के मामले में प्रभावी पैरवी की गई। 11 साल बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

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