गोरखपुर में बारिश के बाद बढ़ने लगीं नदियां:8 घंटे में रोहिनी का जलस्तर आधा मीटर चढ़ा, अलर्ट मोड पर प्रशासन


गोरखपुर में हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब नदियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर की सड़कों और कॉलोनियों में जलभराव के बाद अब रोहिनी और राप्ती नदियों के जलस्तर में भी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रोहिनी नदी में हुई है, जहां महज 8 घंटे के भीतर जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ गया। हालांकि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों तक बारिश का अनुमान और जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने पूरी मशीनरी को अलर्ट मोड पर रखा है। 8 घंटे में आधा मीटर चढ़ा रोहिनी का पानी सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह 8 बजे त्रिमुहानी घाट पर रोहिनी नदी का जलस्तर 79.430 मीटर दर्ज किया गया था। शाम 4 बजे तक यह बढ़कर 79.930 मीटर पहुंच गया। यानी केवल 8 घंटे में नदी का जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ गया। बारिश के बाद जलस्तर में आई यह तेजी इस बात का संकेत है कि नदी में लगातार पानी की आवक बढ़ रही है। हालांकि रोहिनी नदी का खतरे का निशान 82.44 मीटर है और फिलहाल नदी उससे करीब 2.51 मीटर नीचे बह रही है। राप्ती के भी जल्द बदल सकते हैं हालात रोहिनी के विपरीत राप्ती नदी में फिलहाल बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। शनिवार सुबह 8 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 71.910 मीटर था, जो शाम 4 बजे घटकर 71.840 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यानी नदी अभी हल्के उतार पर है। राप्ती का खतरे का निशान 74.98 मीटर है और नदी अभी उससे तीन मीटर से अधिक नीचे बह रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के बाद अगले कुछ दिनों में राप्ती का जलस्तर भी बढ़ सकता है। बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है बाढ़ की आशंका
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में हो रही बारिश के साथ-साथ यदि नेपाल और अन्य ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में दोनों नदियों में पानी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में कछार क्षेत्र के गांव सबसे पहले प्रभावित हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। कछार क्षेत्र पर विशेष नजर
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें लगातार नदी के जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रही हैं। कछार क्षेत्र के गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और बाढ़ का खतरा बनता है, तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। राहत शिविर, नाव, बचाव दल और जरूरी संसाधनों को भी तैयार रखा गया है। गांव-गांव पहुंचकर लोगों को किया जा रहा जागरूक
डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें कछार क्षेत्र के गांवों में लगातार पहुंच रही हैं। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे नदी, नालों और अन्य बड़े जलस्रोतों के पास न जाएं, बच्चों को पानी के किनारे न जाने दें और अफवाहों से बचें। लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

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