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कानपुर के कल्याणपुर में सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे को गोली मारने के मामले में पुलिस ने घटना के 24 दिन बाद शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वारदात में इस्तेमाल 315 बोर का तमंचा बरामद कर लिया। मुख्य आरोपी दीपांकर उपाध्याय ने पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पनकी नहर किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा तमंचा और उसमें लगा एक जिंदा कारतूस बरामद कराया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस के मुताबिक, आवास विकास-3 निवासी सेवानिवृत्त दरोगा रवींद्र सिंह का बेटा प्रदीप 16 जून को अपने बीमार ताऊ का हालचाल लेने घर आया था। आरोप है कि उसी शाम दीपांकर उपाध्याय, गोकुल शुक्ला, पनका निवासी रोहित सिंह उर्फ बाबू ठाकुर और उनके अन्य साथियों ने उसे गजानन स्कूल के पीछे स्थित पार्क में बुलाया। वहां शराब पीने के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि पहले प्रदीप की बेल्ट से पिटाई की गई। इसके बाद गोकुल और रोहित ने उसे पकड़ लिया और दीपांकर ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली प्रदीप के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद प्रदीप के भाई की तहरीर पर कल्याणपुर थाने में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। 20 जून को तीनों आरोपियों ने किया था सरेंडर घटना के बाद पुलिस का दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी दीपांकर उपाध्याय, गोकुल शुक्ला और रोहित सिंह उर्फ बाबू ठाकुर ने 20 जून को कानपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। तब से तीनों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं। पुलिस ने बताया कि घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद होने के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। बरामद तमंचे को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दोबारा जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है। कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव तिवारी ने बताया कि घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए सीजेएम-2 कोर्ट से मुख्य आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कराई गई थी। शुक्रवार सुबह आरोपी को जेल से लाकर पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर आवास विकास के पास पनकी नहर किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखा 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को दोबारा जेल भेज दिया गया।
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कानपुर में रिटायर्ड दरोगा के बेटे पर फायरिंग:24 दिन बाद पनकी नहर किनारे झाड़ियों से मिला हथियार