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बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की ककराहा रेंज में वन विभाग ने एक तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया है। ढोढ़ेपुरवा पचसा बेझा गांव के पास बुधवार रात करीब 1 बजे एक वयस्क नर तेंदुआ सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। पिछले 30 दिनों में कतर्नियाघाट में यह छठा तेंदुआ रेस्क्यू किया गया है, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अनुसार, रेस्क्यू किए गए तेंदुए की उम्र लगभग आठ से नौ वर्ष है और इसका वजन 45 से 50 किलोग्राम के बीच है। तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बाद पशु चिकित्सक ने उसका प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। विभागीय प्रोटोकॉल के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में घाघरा नदी खतरे के निशान से लगभग 37 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव के कारण वन्यजीव सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए वन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और हाई अलर्ट जारी किया है। गश्ती दल लगातार निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों में अकेले न जाएं और हमेशा चार-पांच लोगों के समूह में ही निकलें। अंधेरा होने या सुबह बहुत जल्दी खेतों की ओर जाने से बचें। बच्चों को भी गांव की सीमा और सुनसान स्थानों पर अकेले न जाने दें। घनी झाड़ियों और ऊंची घास के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि तेंदुआ या किसी अन्य वन्यजीव के दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं और उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। तत्काल नजदीकी वन चौकी, वनकर्मी या वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करें। विभाग का कहना है कि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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ककराहा रेंज में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ:कतर्नियाघाट में 30 दिनों में छठे तेंदुए का रेस्क्यू, वन विभाग हाई अलर्ट पर