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लोकलसर्किल्स के एक ताजा सर्वे के मुताबिक, आज भी 48% ग्राहकों को ऑनलाइन सामान खरीदते वक्त उसकी एक्सपायरी डेट नहीं दिखती। खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएआई ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैकेट बंद खाने-पीने के सामान की खराब होने की तिथि दिखाने की जिम्मेदारी अब उपभोक्ता मामले और नाप-तौल विभाग पर डाल दी है। जबकि 2024 में खुद कार्रवाई का भरोसा दिया था। अमेजन और फ्लिपकार्ट मानते हैं एक्सपायरी डेट का नियम, ब्लिंकिट और जेप्टो एप्स अब भी नाकाम सर्वे के अनुसार, झटपट डिलीवरी वाले एप्स जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी इंस्टामार्ट, जियोमार्ट और मिल्क बास्केट इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे ग्राहकों को कई बार जल्द एक्सपायर होने वाला पुराना सामान मिल जाता है। सर्वे में कहा गया है कि अमेजन, फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट ही अपने एप पर यह जरूरी जानकारी दिखा रहे हैं। 164 जिलों में उपभोक्ताओं से 17 हजार से अधिक जवाब प्राप्त हुए। इसमें 61 फीसदी पुरुष, 39 फीसदी महिलाएं शामिल थीं। 53 फीसदी टियर-1, 29 फीसदी टियर-2 और 18 फीसदी टियर-3 व टियर-4 जिलों से थे।
35% ग्राहकों को किसी भी एप पर एक्सपायरी डेट नहीं दिखी पिछले एक साल में ऑनलाइन राशन, दवा या सामान खरीदते समय आपको उसकी एक्सपायरी डेट (खराब होने की तारीख) देखने मिली या नहीं? कुल जवाब – 17,133 5% पता नहीं/कह नहीं सकते 13% एप्स पर एक्सपायरी डेट दिखाई दी 35% एप पर एक्सपायरी डेट नहीं दिखी 13% ज्यादातर एप्स पर एक्सपायरी डेट दिखी
13% बहुत कम एप्स पर एक्सपायरी डेट दिखी
21% कुछ एप्स पर एक्सपायरी डेट दिखी
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ऑनलाइन खरीद; 48% ग्राहकों को देखने नहीं मिलती एक्सपायरी डेट:देश के 164 जिलों में उपभोक्ताओं से 17 हजार से अधिक जवाब पर आधारित रिपोर्ट