एसएन में जल्द शुरू होंगे रोबोटिक ऑपरेशन:25 करोड़ से आएंगे तीन हाईटेक रोबोट, जटिल सर्जरी होंगी आसान


आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज की आधुनिक सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब यहां मरीजों को एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन और मेडिकल कॉलेज स्तर पर तीन सर्जिकल रोबोट खरीदे जाएंगे, जिससे जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। एसएन मेडिकल कॉलेज में 1200 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान पर काम चल रहा है। इसी योजना के तहत रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। योजना के अनुसार एक सर्जिकल रोबोट शासन उपलब्ध कराएगा, जबकि दो रोबोट मेडिकल कॉलेज अपने संसाधनों से खरीदेगा। वर्ष 2027 तक इन रोबोटों के उपलब्ध होने की उम्मीद है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि शासन प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों को एक-एक रोबोट उपलब्ध कराएगा। प्रत्येक रोबोट की अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। ये रोबोट अमेरिका और जर्मनी की तकनीक पर आधारित होंगे। खरीद प्रक्रिया के लिए शासन ने टास्क फोर्स का गठन किया है और कंपनियों का प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। रोबोटिक तकनीक के जरिए हड्डी रोग, पेट रोग, बाल रोग और ईएनटी विभाग में जटिल सर्जरी की जा सकेगी। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जनों को एम्स में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि सुविधा शुरू होने पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। एसएन मेडिकल कॉलेज में हर महीने करीब 90 हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा लगभग 3700 छोटे-बड़े ऑपरेशन और साढ़े पांच हजार मरीज भर्ती होते हैं। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलने के बाद गंभीर और जटिल मामलों का इलाज अधिक सटीकता के साथ किया जा सकेगा, जिससे आगरा ही नहीं, आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। इंटीग्रेटेड प्लान के तहत रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के लिए 10 मंजिला नई इमारत भी बनाई जाएगी। यहां एआई आधारित सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इससे जटिल बीमारियों की पहचान पहले से अधिक सटीक और तेजी से की जा सकेगी। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी में कम चीरा लगता है, रक्तस्राव और दर्द कम होता है तथा संक्रमण का खतरा भी घट जाता है। थ्री-डी हाई-डेफिनेशन विजुअल और 360 डिग्री तक घूमने वाली रोबोटिक तकनीक के कारण शरीर के जटिल हिस्सों में भी अधिक सटीक सर्जरी संभव हो सकेगी।

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