एमएलसी जितेंद्र बने अनियमितताओं की जांच संबंधी समिति के सभापति:आवास विकास, नगर निगम में अंकुश लगाने के लिए सभापति नियुक्त


उत्तर प्रदेश विधान परिषद में एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें आवास विकास परिषद, विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत और नगर निगमों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच एवं उन पर अंकुश लगाने संबंधी समिति का सभापति नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी के तहत समिति प्रदेश के आवास विकास परिषद, विभिन्न विकास प्राधिकरणों, जिला पंचायतों और नगर निगमों में होने वाली अनियमितताओं की जांच करेगी। साथ ही, अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई और सुझाव भी देगी। इस नियुक्ति को स्थानीय निकायों और विकास संस्थाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार जिम्मेदारी मिलने पर जितेंद्र सिंह सेंगर ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी धन्यवाद दिया। सेंगर ने कहा कि संसदीय परंपराओं और विधान परिषद की गरिमा के अनुरूप पूरी निष्ठा से कार्य करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके प्रति शीर्ष नेतृत्व के विश्वास का प्रतीक है और वह इस विश्वास को कायम रखने का हरसंभव प्रयास करेंगे। पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने पर जोर एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि समिति के माध्यम से हर पीड़ित व्यक्ति को सुलभ, निष्पक्ष और त्वरित न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों से जुड़े आम लोगों के मुद्दों और समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए समिति पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ काम करेगी। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल अनियमितताओं की जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यवस्था में सुधार और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाना भी होगा।

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