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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी महोबा को एडीएम रैंक के अधिकारी से सर्किल एक्साइज इंस्पेक्टर अवधेश कुमार यादव के खिलाफ याची की शराब की दूकान से प्लांटेड 39 वियर कैन की बरामदगी के आरोप की प्रारंभिक जांच कराने और रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने तब तक इस शर्त के साथ याची के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस 9 अप्रैल 26 पर रोक लगा दी है कि याची अपनी शराब की लाइसेंसी दूकान में सी सी टी वी कैमरा लगायेगा या मरम्मत करायेगा और जांच में सहयोग करेगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 15 जुलाई नियत करते हुए एक माह में जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। जानिये क्या है मामला यह आदेश न्यायमूर्ति एस डी सिंह तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने पद्मधर की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची का कहना था कि 2026-27 के लिए उसको शराब बेचने का लाइसेंस मिला और दूकान चालू होने के चौथे दिन एक्साइज इंस्पेक्टर ने दुर्भाग्यवश दूसरी दूकान से वियर कैन लाकर याची की दूकान से बरामदगी दिखाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी की है। इसे चुनौती दी गई है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को प्रारंभिक जांच कराने का आदेश दिया और जानकारी मांगी तो अगली सुनवाई के दिन बताया गया कि अभी जांच चल रही है। वियर कैन कैसे याची की दूकान में पहुंची इसका पता लगा रहे हैं। जांच पूरी करने के लिए समय मांगा। याची का कहना था कि जब एक्साइज इंस्पेक्टर ने उसकी दूकान में वियर कैन प्लांट किया तो उसने सम्बंधित पोर्टल पर शिकायत की।जिसकी दूकान से वियर लाई गई, उसने भी शिकायत की । इस पर कोर्ट ने याची के आरोपों की भी जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
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एक्साइज इंस्पेक्टर की साजिस की जांच रिपोर्ट पेश करें:शराब की दुकान के मालिक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस पर रोक