![]()
गोरखपुर का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है। 23 जुलाई की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका लोकार्पण करेंगे। अब जिसे शहर से बाहर निकलना होगा वह फ्लाईओवर से फर्राटा भरता निकल जाएगा लेकिन फंसे रह जाएंगे अगल-बगल के मोहल्ले वाले। जिन्हें फ्लाईओवर पर नहीं चढ़ना, जो दो साल से इसके बन जाने का इंतजार कर रहे थे ताकि उनकी नीचे वाली सड़क भी दुरुस्त हो सके। लेकिन, उनकी चिंता शायद किसी को नहीं। तभी तो जो सड़क पहले पास हुई, जो फ्लाईओवर के आस-पास स गुजर रही है, उसकी मरम्मत की झंझट किसी ने नहीं उठाई। इसे बनाने वाली फर्म अभी नाले बनाने में व्यस्त हैं और महीनों से लोग माधो पेट्रोल पंप से देवरिया बाईपास, नहर रोड और रुस्तमपुर तक हिचकोले खाकर जाने को मजबूर हैं। गोरखपुर शहर में जाम की समस्या खत्म करने के लिए पहले पैडलेगंज से नौसढ़ तक सिक्सलेन पास किया गया। दावा था कि इसे समय से पूरा कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी बीच नहर रोड, रुसतमपुर, फलमंडी, ट्रांसपोर्टनगर चौराहों पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए एक सीधा फ्लाईओवर बनाने का निर्णय हुआ। इसके बाद फ्लाईओवर का काम शुरू हुआ और अब वह लोकार्पण को तैयार है लेकिन नीचे की सड़क पर डिवाइडर बने हैं और उसपर लाइटें लगी हैं। नाले का काम जहां-तहां अब भी चल रहा है। फ्लाईओवर के बगल से रोज गुजरते है हजारों लोग
फ्लाईओवर खुल जाने के बाद वही गाड़ियां उसपर से जाएंगी, जिन्हें या तो नौसढ़ की ओर जाना होगा या उससे और आगे। लेकिन लाखों लोग उन मोहल्लों में भी रहते हैं, जो इस सड़क के किनारे स्थित हैं। ऐसे लोग महीनों से गड्ढायुक्त सड़कों पर हिचकोले खाते हुए अपने गंतव्य तक जा रहे हैं। माधो पेट्रोल पंप के पास ही शहर से बाहर जाने वाले लोग फ्लाईओवर पर चढ़ेंगे लेकिन कई ऐसे लोग होंगे जो यहीं से बाएं मुड़कर सर्विस रोड पकड़ेंगे। फ्लाईओवर बनकर तैयार हुए काफी दिन बीत गए लेकिन यहां केवल बड़ी गिट्टी डाली गई है। यह गिट्टी आसानी से उखड़ जाती है इसलिए जगह-जगह गड्ढे भी बन गए हैं। बरसात के समय में लोग यहां से बचते-बचाते निकल रहे हैं। कई बार तो ऐसा लग रहा है कि आटो रिक्शा या बैट्री रिक्शा कहीं पलट न जाए। कभी सर्विस रोड पहले बनाने की बात उठी थी
जब सिक्सलेन फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हुआ तो प्रशासन ने पहले सर्विस रोड बनाने को कहा था, जिससे आसपास के मोहल्लों के लोग आसानी से आ-जा सकें लेकिन इस प्रस्ताव को कभी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। पुल बनकर तैयार हो गया लेकिन सर्विस लेन जस की तस है। इस समय कुछ लोग बरसात का हवाला दे रहे हैं लेकिन फ्लाईओवर पर नीचे का काम महीनों पहले खत्म हो चुका है।
Source link
ऊपर से फर्राटा भरते जाएंगे, नीचे हिचकोले खाएंगे:गोरखपुर का पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर तैयार; नीचे की सड़क में गड्ढे ही गड्ढे