इजराइल बोला- अमेरिका तैयार हुआ तो गाजा खाली करा देंगे:विदेश मंत्री ने कहा- हमास हथियार नहीं छोड़ रहा, लोगों को हटाकर ही समस्या सुलझेगी


इजराइल ने गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को हटाने की योजना तैयार कर ली है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने बुधवार को कहा कि सरकार अमेरिका के यह तय करने का इंतजार कर रही है कि उन्हें कहां ले जाया जाएगा। काट्ज ने इजराइली न्यूज साइट Ynet और अखबार Yedioth Ahronoth की कॉन्फ्रेंस में कहा, “गाजा का कोई वास्तविक समाधान अंत में इस पलायन के बिना नहीं हो सकता।” उन्होंने कहा, “सरकार उन्हें बाहर निकालने के लिए संगठित और तैयार है। उन्हें समुद्र, हवा या हर संभव तरीके से बाहर ले जाया जाएगा।” अमेरिका की मंजूरी का इंतजार अमेरिकी दूतावास ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोध को वॉशिंगटन स्थित विदेश विभाग के पास भेज दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में दुनिया के कई देशों को चौंकाते हुए कहा था कि गाजा पट्टी से सभी 20 लाख फिलिस्तीनियों को चले जाना चाहिए। ट्रम्प ने इजराइली बमबारी से तबाह भूमध्यसागरीय इलाके को लग्जरी रिसॉर्ट में बदलने की बात कही थी। यह बमबारी 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुई थी। मिस्र के विरोध के बाद प्रस्ताव पर पीछे हटे ट्रम्प ट्रम्प को इस प्रस्ताव पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इसमें मिस्र भी शामिल था, जो इजराइल के अलावा गाजा से सीमा साझा करने वाला इकलौता देश है। फिलिस्तीनियों ने भी इस प्रस्ताव की निंदा की। उनके लिए अपनी जमीन से जबरन हटाने की कोई भी कोशिश 1948 में इजराइल के बनने के दौरान हुए बड़े पैमाने पर विस्थापन की याद दिलाती है, जिसे “नकबा” यानी तबाही कहा जाता है। अक्टूबर में गाजा युद्धविराम का ऐलान करते समय ट्रम्प ने इस इलाके के लिए 20 बिंदुओं की योजना बताई थी। इसमें जबरन विस्थापन नहीं करने की बात शामिल थी। काट्ज बोले- योजना रद्द नहीं हुई अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले काट्ज ने कहा कि ट्रम्प ने इस विचार को सिर्फ “फ्रीज” किया है। वे फिलिस्तीनियों को रखने वाले देशों की तलाश कर रहे हैं, क्योंकि मिस्र विकल्प नहीं है। काट्ज ने कहा, “योजना रद्द नहीं हुई है। इस पर हर समय चर्चा हो रही है, अभी भी हो रही है। मुझे लगता है कि सभी की भलाई के लिए कोई दूसरा समाधान नहीं है।” उन्होंने कहा, “लेकिन इसे लागू करने के लिए हमें अमेरिका की जरूरत है। हमें उसकी मंजूरी कब मिलेगी? जब यह साफ हो जाएगा कि युद्धविराम के तहत हमास अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर रहा है।” काट्ज का दावा- गाजा के 80% लोग जाना चाहते हैं काट्ज ने अपने दावे का कोई स्रोत बताए बिना कहा कि गाजा के 80% लोग वहां से जाना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि हमास उन्हें रोक रहा है। कब्जे वाले इलाके में आम लोगों को जबरन हटाना जेनेवा कन्वेंशन के तहत युद्ध अपराध माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और काट्ज के पूर्ववर्ती योआव गैलेंट के खिलाफ कथित युद्ध अपराधों को लेकर गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। इजराइल और अमेरिका दोनों इन आरोपों से इनकार करते हैं। हमास के हमले और गाजा में मौतों का आंकड़ा हमास के अभूतपूर्व हमले के बाद इजराइली हमलों के कारण गाजा की बड़ी आबादी पहले ही अपने ही इलाके में विस्थापित हो चुकी है। इजराइल के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उस हमले में 1,221 लोग मारे गए थे। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद इजराइल के हमलों में 73,470 लोगों की मौत हुई है। मंत्रालय हमास के अधीन काम करता है और उसके मुताबिक युद्धविराम के बाद भी 1,330 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

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