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रामपुर में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कार्ड बनाने में धीमी प्रगति पर डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में लापरवाही सामने आने पर एक पूर्ति निरीक्षक को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। इसके साथ ही, पांच अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। तहसील शाहबाद क्षेत्र में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर पूर्ति निरीक्षक किशनलाल को तत्काल प्रभाव से जिला पूर्ति कार्यालय मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। उनकी जगह जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात पूर्ति निरीक्षक आलोक कुमार सिंह को शाहबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि शाहबाद क्षेत्र में कोटेदारों की कुल 18 ऑपरेटर बीआईएस आईडी बनी हुई हैं। पिछले 15 दिनों में इनमें से 10 आईडी से कोई कार्य नहीं हुआ, जबकि शेष आठ आईडी से केवल 22 आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। डीएम ने इसे शासन की प्राथमिकता वाले कार्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त अन्य क्षेत्रों की समीक्षा में भी कार्ड बनाने की गति धीमी पाई गई। एक क्षेत्र में 28 ऑपरेटर बीआईएस आईडी में से 12 आईडी पर पिछले 15 दिनों में कोई काम नहीं हुआ। वहीं, 16 आईडी से केवल 84 कार्ड जारी किए गए। संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि या निलंबन की कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने की चेतावनी दी गई है। जिला पूर्ति कार्यालय में तैनात पूर्ति लिपिक फैजल खान को भी अपेक्षित समन्वय और प्रगति न मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी प्रथम अजीत कुमार, द्वितीय पशुपति देव और तृतीय विनोद कुमार विश्वकर्मा से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन अधिकारियों के क्षेत्रों में कुल 63 ऑपरेटर आईडी में से 17 पर शून्य कार्य पाया गया, जबकि 46 आईडी से केवल 372 कार्ड जारी हुए। डीएम ने स्पष्ट किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही पर डीएम सख्त:पांच अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण, 7 दिन में मांगा जवाब