अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू के 2 नए मरीज मिले:अब 5 संक्रमित, अस्पतालों में 60 बेड तैयार; चिकित्सा विभाग की एडवाइजरी जारी


अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को दो और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। इनमें चंडौस क्षेत्र की करीब 45 वर्षीय महिला को नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं लोधा क्षेत्र की 4 साल की बच्ची का भी इलाज शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक 5 संक्रमित और 3 संदिग्ध मरीज दर्ज हो चुके हैं। मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। वहीं जेएन मेडिकल कॉलेज की पुरानी ओपीडी में 50 बेड का अलग फ्लू वार्ड तैयार है। जरूरत पड़ने पर यहां संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा। एनसीआर से सटे होने के कारण बढ़ी चिंता मौसम में बदलाव के साथ इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आ रहे हैं। एनसीआर से सटा होने के कारण जिले में भी संक्रमित मरीज मिलने लगे हैं। इससे पहले तीन मरीजों में इन्फ्लुएंजा-ए की पुष्टि हो चुकी है। अब दो और मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग के संक्रमण नोडल अधिकारी डॉ. शोएब के अनुसार, सरकारी और निजी अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की निगरानी की जा रही है। मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। ए और बी श्रेणी के मरीजों का घर पर आइसोलेशन में इलाज हो सकता है, जबकि सी श्रेणी के मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है। 50 बेड का फ्लू वार्ड तैयार, 10 जांच किट भी आईं जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अंजुम परवेज ने बताया कि पुरानी ओपीडी में 50 बेड का फ्लू वार्ड तैयार है। जरूरत पड़ने पर संक्रमित मरीजों को यहां भर्ती किया जाएगा। संदिग्ध मरीजों की शुरुआती जांच के लिए 10 किट भी मंगाई गई हैं। एक किट से करीब 100 मरीजों की जांच की जा सकती है। इससे मरीजों की जांच तेजी से करने और संक्रमण की स्थिति का जल्द पता लगाने में मदद मिलेगी। दीनदयाल संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमके माथुर ने बताया कि अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। मास्क लगाएं, भीड़ से बचें स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखने और हाथ साफ रखने की सलाह दी गई है। खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकने और बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को न छूने की सलाह दी गई है। ये लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें फ्लू में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण होते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, ज्यादा कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चे-बुजुर्ग ज्यादा सावधान रहें 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हृदय, फेफड़े, किडनी या लीवर की बीमारी, मधुमेह, कैंसर और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है। फ्लू से बचने के 5 आसान तरीके तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में इन्फ्लुएंजा के मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अस्पतालों में बेड और जांच की सुविधा बढ़ाई जाएगी।

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