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अयोध्या धाम से लगभग 25 किलोमीटर दूर शाहगंज रमपुरवा गांव स्थित प्राचीन श्री विघ्नेश्वर धाम शिवाला मंदिर में भारत के सबसे बड़े महात्रिशूल की स्थापना की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भगवान भोलेनाथ के 500 वर्ष पुराने इस मंदिर परिसर में 60 फीट ऊंचे और 11 फीट चौड़े महात्रिशूल को स्थापित किया जाएगा। इस महात्रिशूल की स्थापना सोमवार, 3 अगस्त को वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ की जाएगी। मंदिर की एक अनूठी विशेषता यह है कि यहां आसपास के 365 गांवों के पुजारी अपनी निर्धारित बारी के अनुसार भगवान श्री विघ्नेश्वर की नियमित पूजा-अर्चना करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। महात्रिशूल की स्थापना से पूर्व रविवार, 2 अगस्त को श्री विघ्नेश्वर धाम से एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। लगभग दो किलोमीटर लंबी इस शोभायात्रा में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़े, जिससे पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के उद्घोष से गूंज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा, मंदिर के मुख्य पुजारी अमित योगी और मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर के अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार आर्य सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने बताया कि 3 अगस्त को होने वाली महात्रिशूल की स्थापना इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर होगा। कलश यात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर में अखंड “ॐ नमः शिवाय” जाप प्रारंभ हो गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर पूजन-अर्चन कर रहे हैं। महात्रिशूल स्थापना को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल है और दूर-दराज से भी श्रद्धालुओं का आगमन जारी है।
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अयोध्या के विघ्नेश्वर धाम में 60फीट ऊंचा महात्रिशूल स्थापित होगा:पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा के नेतृत्व में निकली कलश यात्रा, हजारों लोग हुए शामिल